Breaking News

⚖️ नोएडा में इंसाफ की जीत: लॉकडाउन में 3 साल तक दरिंदगी, शादी के बाद सामने आई सच्चाई; दो प्रॉपर्टी डीलरों को 20 साल की सजा

ग्रेटर नोएडा में नौकरी दिलाने के नाम पर युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में जिला न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है. विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट ने दो प्रॉपर्टी डीलर राजीव गुप्ता और प्रदीप मित्तल को दोषी करार देते हुए दोनों को 20-20 साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने राजीव गुप्ता पर 2.95 लाख रुपये और प्रदीप मित्तल पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. जुर्माने की 80 प्रतिशत राशि पीड़िता को दी जाएगी.पीड़िता ने अदालत को बताया कि अप्रैल 2017 में वह नौकरी की तलाश में नोएडा के सेक्टर-64 स्थित एक कॉमर्शियल बिल्डिंग में गई थी. वहां उसकी मुलाकात प्रॉपर्टी डीलर राजीव गुप्ता से हुई. राजीव ने कंप्यूटर ऑपरेटर की जरूरत बताकर उसका बायोडाटा ले लिया.

कुछ दिनों बाद राजीव ने फोन कर उसे 15 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन पर नौकरी देने का भरोसा दिया. पीड़िता सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक काम करने लगी. उसे रिकॉर्ड मेंटेन करने का कार्य सौंपा गया था. करीब 15 दिन बाद पीड़िता ने नौकरी छोड़ दी और वेतन मांगा. एक दिन उसे ऑफिस बुलाया गया, जहां उसे कॉफी और खाना दिया गया. खाना खाने के बाद उसे तेज सिरदर्द होने लगा. राजीव ने उसे दूसरे कमरे में आराम करने को कहा. वहां पहुंचते ही वह बेहोश हो गई.

जब उसे होश आया तो उसने खुद को निर्वस्त्र अवस्था में पाया. कमरे में राजीव गुप्ता और प्रदीप मित्तल शराब पी रहे थे. विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया.

वीडियो की धमकी देकर वर्षों तक शोषण

पीड़िता ने बताया कि अश्लील वीडियो की धमकी देकर राजीव गुप्ता ने वर्ष 2017 से 2020 तक कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया. इतना ही नहीं, उसने प्रदीप मित्तल और अपने अन्य दोस्तों से भी दुष्कर्म कराया. लॉकडाउन के दौरान भी राजीव वीडियो कॉल कर पीड़िता को कपड़े उतारने के लिए मजबूर करता था.

शादी के बाद जुटाई हिम्मत

साल 2020 में पीड़िता की शादी हो गई. इसके बाद उसने पूरी आपबीती अपने पति को बताई. पति ने उसका साथ दिया और न्याय की लड़ाई शुरू हुई. पीड़िता ने पहले पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई. मोबाइल डेटा की जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की. लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया.

जुर्माना नहीं देने पर बढ़ेगी सजा

अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि राजीव गुप्ता जुर्माना नहीं देता है तो उसे 28 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. वहीं, प्रदीप मित्तल को जुर्माना न देने पर 16 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा. अदालत ने अपने फैसले में कहा कि नौकरी का झांसा देकर महिला की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. यह फैसला समाज के लिए एक कड़ा संदेश है.

About NW-Editor

Check Also

यूपी फतह की जंग तेज: ‘ऊपर मोदी-नीचे योगी’ नारे के साथ BJP मैदान में, अखिलेश का PD+A फॉर्मूला देगा कड़ी टक्कर

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव एक वर्ष बाद फरवरी 2027 में होने हैं, लेकिन इस …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *