Breaking News

“हिमाचल की जांबाज़ नर्स: उफनते नाले को छलांग लगाकर पार किया, ड्यूटी निभाने पहुंची”

 

प्राकृतिक आपदा के बीच, जहां लोग अपने घरों से बाहर निकलने से भी कतराते हैं, वहीं हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के चौहारघाटी की एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता ने अपने कर्तव्य से मुंह न मोड़कर समाज के सामने सच्ची सेवा का उदाहरण पेश किया है. स्वास्थ्य खंड पद्धर के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुधार में तैनात कमला देवी ने साबित किया है कि जिम्मेदारी व जज्बा किसी भी विपरीत परिस्थिति को हरा सकता है. इन दिनों चौहारघाटी में लगातार बारिश व भूस्खलन से स्थिति गंभीर बनी हुई है. कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट चुका है, पुल व संपर्क मार्ग बर्बाद हो गए हैं, नाले-खड्ड उफान पर हैं.

बाढ़ के बीच कमला देवी ने शिशु को टीका लगाया

ऐसे में मरीजों तक दवाएं व टीके पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं है. BMO पद्धर डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि 18 अगस्त की रात कोरतंग व कुंगड़ी क्षेत्रों में आई अचानक बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया था. इस दौरान हुरंग गांव में एक-दो माह के शिशु का टीकाकरण होना जरूरी था. उन्होंने बताया कि स्थिति बेहद जोखिम भरी थी, लेकिन कमला देवी ने हिम्मत दिखाते हुए वैक्सीन का डिब्बा कंधे पर उठाया व उफनते स्वाड़ नाले को छलांग लगाकर पार किया. उन्होंने जान जोखिम में डालकर गांव पहुंचकर शिशु को जीवन रक्षक टीके लगाए.

कमला देवी का साहस स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बना प्रेरणा

स्थानीय लोगों ने कहा कि इस स्थिति में बाहर निकलना आम आदमी के बस की बात नहीं है, लेकिन कमला देवी ने जिस साहस और निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई, वह प्रशंसनीय है. उनकी इस सेवा भावना को लोग कभी भूल नहीं पाएंगे.

उन्होंने कहा कि कमला देवी का यह कदम न केवल एक बच्चे की जिंदगी बचाने वाला साबित हुआ, बल्कि पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मियों के लिए प्रेरणा बन गया है.

About NW-Editor

Check Also

“मंडी में एचआरटीसी बस हादसा! 5 की मौत, 20 से ज्यादा यात्री घायल, दिल दहला देने वाली घटना”

हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *