आम आदमी पार्टी से बड़ी खबर सामने आई, AAP ने राघव चड्डा (Raghav Chadha) पर एक्शन लिया है उन्हें राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया गया है। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर कहा है कि राघव चड्ढा को उच्च सदन में पार्टी के उप-नेता के पद से हटा दिया जाए। राघव चड्ढा अप्रैल 2022 से सांसद हैं। उन्होंने संसद में जनहित के मुद्दे उठाकर कई मौकों पर सुर्खियां बटोरी हैं।
AAP ने सचिवालय से यह भी अनुरोध किया है कि उच्च सदन में अशोक मित्तल को AAP का उप-नेता नियुक्त किया जाए। सूत्रों के अनुसार, पत्र में यह भी कहा गया है कि चड्ढा जो पंजाब से राज्यसभा सांसद भी हैं को सदन में बोलने के लिए AAP के कोटे से समय आवंटित नहीं किया जाना चाहिए। AAP के वर्तमान में राज्यसभा में 10 सदस्य हैं, जिनमें से सात पंजाब से और तीन दिल्ली से हैं।
‘उन्हें राज्यसभा में पार्टी कोटे से बोलने का समय न दिया जाए’
इस फैसले को पार्टी के अंदरूनी रणनीतिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी ने यह भी कहा है कि उन्हें राज्यसभा में पार्टी कोटे से बोलने का समय न दिया जाए। AAP ने अशोक मित्तल को नया डिप्टी लीडर बनाने का अनुरोध किया है।
विधानसभा चुनाव के लिए स्टार कैंपेनर सूची से भी बाहर
हाल ही में पार्टी ने राघव चड्ढा को विधानसभा चुनाव के लिए स्टार कैंपेनर सूची से भी बाहर कर दिया था। यह कदम पार्टी के अंदरूनी नेतृत्व और संसदीय रणनीति में बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
‘राघव की पिछले काफी समय से AAP की प्रेस ब्रीफिंग में उपस्थिति नहीं थी’
राघव चड्ढा की पिछले काफी समय से AAP की प्रेस ब्रीफिंग में उपस्थिति नहीं थी और न ही वह पार्टी की गतिविधियों में शामिल हो रहे थे। यहां तक कि दिल्ली एक्साइज पॉलिसी से जुड़े कथित घोटाले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के बरी होने के बाद उन्होंने न तो सार्वजनिक तौर पर और न ही सोशल मीडिया पर ही कोई प्रतिक्रिया दी थी।
अशोक कुमार मित्तल पंजाब से राज्यसभा सांसद
अशोक कुमार मित्तल पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और अप्रैल 2022 में सदन के लिए चुने गए थे। वे रक्षा और वित्त जैसी कई संसदीय समितियों के सदस्य रहे हैं और फरवरी 2026 में उन्हें भारत-अमेरिका संसदीय मैत्री समूह का सदस्य बनाया गया था। वे पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद रूस, लातविया, स्लोवेनिया, ग्रीस और स्पेन का दौरा करने वाले एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का भी हिस्सा थे।
अशोक कुमार मित्तल कई संसदीय समितियों का हिस्सा रहे हैं
अशोक कुमार मित्तल अप्रैल 2022 में सदन के लिए चुने गए थे और तब से, वह कई संसदीय समितियों का हिस्सा रहे हैं, जिनमें रक्षा समिति, वित्त समिति शामिल हैं; और फरवरी 2026 में, उन्हें भारत-अमेरिका संसदीय मैत्री समूह का सदस्य बनाया गया था। वह DMK सांसद कनिमोझी के नेतृत्व वाले एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का भी हिस्सा थे।
राघव चड्ढा संसद में काफी मुखर रहते हैं
बता दें कि राघव चड्ढा संसद में काफी मुखर रहते हैं और हाल ही में उन्होंने गिग वर्कस की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था वहीं हाल ही में उन्होंने राज्यसभा में देश में पितृत्व अवकाश को कानूनी अधिकार का दर्जा दिए जाने की मांग की और कहा कि बच्चों के लालन-पोषण की जिम्मेदारी सिर्फ मां की ही नहीं, बल्कि साझा दायित्व है।
राघव चड्ढा ने ‘सरपंच पति’ या ‘पंचायत पति’ की प्रथा पर चिंता जताई थी
पिछले महीने, राघव चड्ढा ने ‘सरपंच पति” या ‘पंचायत पति’ की प्रथा पर चिंता जताई थी। इस प्रथा में, पंचायत की आरक्षित सीटों पर चुनी गई महिलाएं अक्सर सिर्फ़ नाममात्र की मुखिया होती हैं, जबकि असली सत्ता उनके पुरुष रिश्तेदार चलाते हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह यह सुनिश्चित करे कि स्थानीय निकायों में महिला प्रतिनिधि 73वें संवैधानिक संशोधन के तहत तय किए गए असली अधिकार का इस्तेमाल कर सकें। उन्होंने संसद में मासिक धर्म की स्वच्छता का मुद्दा भी उठाया था, और कहा था कि यह स्वास्थ्य, शिक्षा और समानता का मामला है, जो भारत में 35 करोड़ से ज़्यादा महिलाओं और लड़कियों को प्रभावित करता है।
चड्ढा ने कहा कि अगर कोई लड़की इसलिए स्कूल नहीं जा पाती क्योंकि वहां सैनिटरी पैड, पानी और एकांत की सुविधा नहीं है, तो यह उसकी निजी समस्या नहीं, बल्कि पूरे समाज की नाकामी है। इस साल की शुरुआत में, गिग वर्कर्स के आंदोलन के दौरान, उन्होंने एक दिन डिलीवरी पार्टनर के तौर पर काम किया था, ताकि वे इस काम से जुड़े दबाव और चुनौतियों को खुद करीब से समझ सकें।
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