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“मणिपुर में नई सरकार के बाद चुराचांदपुर में पथराव और आगजनी से हालात बिगड़े”

मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में गुरुवार शाम नए उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति के विरोध में शुरू हुआ प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प के दौरान पत्थरबाजी हुई, सड़क पर टायर जलाए गए और हालात को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। हिंसा की वजह से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

क्या हुआ और कहां भड़की हिंसा

घटना चुराचांदपुर के तुइबोंग मेन मार्केट इलाके की है, जहां सैकड़ों की संख्या में युवा प्रदर्शनकारी एकत्र हुए। ये लोग हाल ही में शपथ लेने वाले डिप्टी सीएम नेम्चा किप्गेन और लोसी दिखो की नियुक्ति का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों को उनकी बैरक में वापस धकेलने की कोशिश की। जब सुरक्षाबलों ने हटने से इनकार किया, तो हालात बिगड़ गए और पथराव शुरू हो गया। इसके बाद कुछ समूहों ने सड़क के बीच टायर जलाकर रास्ता जाम कर दिया।

क्यों हो रहा है विरोध

नए मंत्रिमंडल में कुकी समुदाय से आने वाली भाजपा विधायक नेम्चा किप्गेन को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने से कुकी समाज के भीतर मतभेद उभर आए हैं। कुछ संगठनों का आरोप है कि सरकार में शामिल कुकी विधायकों ने समुदाय के हितों से समझौता किया है और मैतेई नेतृत्व के साथ गठबंधन कर विश्वासघात किया है। इसी मुद्दे को लेकर विरोध लगातार तेज होता गया और गुरुवार शाम हिंसा में बदल गया।

संगठनों की प्रतिक्रिया और बंद का ऐलान

आदिवासी संगठन ‘जॉइंट फोरम ऑफ सेवन’ ने चुराचांदपुर में शुक्रवार सुबह 6 बजे से 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है। वहीं, कुछ कट्टर संगठनों द्वारा विधायकों के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ घोषणाएं किए जाने से स्थिति और संवेदनशील हो गई है। प्रशासन ने ऐसे बयानों पर नजर रखते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कदम

हालात को संभालने के लिए असम राइफल्स और अन्य सुरक्षाबलों को तैनात किया गया। शुरुआती प्रयासों में भीड़ को नियंत्रित करने में कठिनाई आई, जिसके बाद सुरक्षाबलों को अस्थायी रूप से पीछे हटना पड़ा। बाद में आंसू गैस का इस्तेमाल कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया गया। शुक्रवार सुबह भी कुछ इलाकों में सड़क जाम और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। दो दिन पहले ही मणिपुर में नई सरकार का गठन हुआ है।

भाजपा नेता युमनाम खेमचंद सिंह ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जबकि नेम्चा किप्गेन राज्य की पहली महिला डिप्टी सीएम बनीं। उनके साथ नगा समुदाय से आने वाले लोसी दिखो ने भी उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली है। नई सरकार में कुल 10 कुकी विधायक हैं, जिनमें से सात भाजपा से जुड़े हैं। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, कुकी और मैतेई समुदायों के बीच पहले से मौजूद तनाव के चलते हालात अभी भी नाजुक बने हुए हैं। आने वाले दिनों में राजनीतिक संवाद और प्रशासनिक फैसले ही तय करेंगे कि स्थिति सामान्य होती है या नहीं।

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