न्यूज़ वाणी ब्यूरो बांदा।
बांदा। जिले में किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष महेन्द्र त्रिपाठी के नेतृत्व में किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर गन्ने का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल करने, फसल नुकसान का मुआवजा देने और खाद की कालाबाजारी रोकने समेत सात मांगें उठाईं।
किसानों ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। डीजल, खाद और कीटनाशकों के दाम बढ़ने के बावजूद गन्ने के मूल्य में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है। उन्होंने चीनी के खुदरा मूल्य में भी बढ़ोतरी का हवाला देते हुए किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की मांग की।
किसानों की सात प्रमुख मांगें
1. गन्ने का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल हो: किसानों ने गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 500 रुपये प्रति क्विंटल करने और भुगतान समय पर सुनिश्चित कराने की मांग की।
2. गेहूं के सरकारी खरीद मूल्य में वृद्धि: किसानों ने गेहूं के सरकारी क्रय मूल्य में 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने की मांग रखी।
3. फसल नुकसान का मुआवजा: असमय बारिश और तेज हवाओं से धान, उड़द और मूंग की फसलों को हुए नुकसान का गांववार सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की गई।
4. आलू किसानों को राहत: किसानों ने कोल्ड स्टोर के किराए में सहायता देने और पहले ही आलू की निकासी कर चुके किसानों को भी योजना का लाभ देने की मांग उठाई।
5. आलू बीज की कीमत कम हो: ज्ञापन में आलू बीज की कीमत को लेकर चिंता जताई गई। किसानों के अनुसार, बाजार में आलू बीज का भाव करीब 700 रुपये है, जबकि उद्यान विभाग से इसकी कीमत 3,600 रुपये बताई गई। उन्होंने कीमत घटाकर अधिकतम 1,500 रुपये रखने की मांग की।
6. बटाई और ठेके पर खेती करने वालों को मुआवजा: किसानों ने कहा कि फसल नुकसान की स्थिति में ठेके और बटाई पर खेती करने वाले किसानों को भी मुआवजे का लाभ दिया जाना चाहिए।
7. खाद की कालाबाजारी पर रोक: किसानों ने यूरिया और डीएपी की कालाबाजारी रोकने तथा किसानों को समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश सरकार से किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने और मांगों के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की।
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