कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी से मिलने के बाद शशि थरूर ने बड़ा बयान दिया है। मै नफीस जाफरी आपको यह बता दूं कि तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद थरूर ने कहा कि दोनों नेताओं के साथ अच्छी और सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि मैं सीएम कैंडिडेट नहीं हूं और पहले से ही सांसद हूं.। गौरतलब है कि कांग्रेस की पिछली कई बैठकों से थरूर गायब रहे थे। कई मौकों पर उन्होंने पार्टीलाइन से अलग जाकर बयान दिया था। माना जा रहा था कि थरूर पार्टी हाईकमान के रवैये से नाराज थे। लेकिन अब राहुल और खरगे से मुलाकात के बाद थरूर की बॉडी लैंग्वेज बदली नजर आ रही थी। उन्होंने कहा कि सबकुछ ठीक है, हम साथ आगे बढ़ रहे हैं। थरूर पिछले कुछ महीनों से अपनी चिंताओं को लेकर पार्टी नेतृत्व से मिलने का समय मांग रहे थे, परंतु उनकी अनुपस्थिति को लेकर कई तरह की राजनीतिक अटकलें भी लगाई जा रही थीं। कभी भाजपा में जाने की अफ़वाहों से लेकर केरल में सीपीआई से संपर्क तक। हालांकि, इन सभी खबरों को थरूर ने सार्वजनिक मंच पर सिरे से खारिज किया है।उन्होंने कहा है कि उनके मुद्दे पार्टी के भीतर ही सुलझाए जाने चाहिए, न कि सार्वजनिक रूप से उठाए जाएं। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह मुलाक़ात बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वहीं इससे पूर्व
हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, थरूर ने कई बार महसूस किया कि उन्हें पार्टी आयोजनों में वह प्रमुख भूमिका नहीं दी जा रही, जिसकी वे अपेक्षा रखते हैं। खासकर कोच्चि के महापंचायत कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा उनका नाम न लेना उनकी नाराजगी का प्रमुख कारण माना गया था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली और केरल की कई रणनीतिक बैठकों से दूरी बनाए रखी। वहीं पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व विधानसभा
चुनावों से पहले किसी भी तरह के अंदरूनी मतभेद को बढ़ने नहीं देना चाहता। इसलिए राहुल गांधी और खड़गे ने थरूर से अलग बैठक कर उनकी बात सुनी और असहमति के बिंदुओं पर चर्चा की। बताया गया कि एआईसीसी पहले से ही थरूर को साधने की कोशिश में लगी थी, ताकि चुनावों से पहले एकजुटता का संदेश दिया जा सके। बीते गुरुवार दोपहर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संसद भवन स्थित दतर में राहुल गांधी, खरगे और थरूर के बीच करीब दो घंटे तक चर्चा हुई। कमरे में केवल यही तीन नेता मौजूद थे। कांग्रेस के संगठन महासचिव
केसी वेणुगोपाल भी बैठक में मौजूद नहीं रहे। हालाँकि सूत्रों के मुताबिक़ वेणुगोपाल ने ही कांग्रेस आलाकमान के साथ थरूर की मुलाक़ात में मुख्य भूमिका निभाई। सूत्रों के मुताबिक़ बैठक में शशि थरूर और राहुल गांधी ने अपने गिले शिकवे दूर किए। बहरहाल सूत्रों के मुताबिक़ इन सभी मुद्दों पर थरूर की राहुल गांधी और खरगे से खुलकर बात हुई। मुख्य रूप से राहुल गांधी और थरूर में ही बातचीत हुई। खरगे एक किस्म से मध्यस्थ की भूमिका में थे। राहुल गांधी ने थरूर को पार्टी के लिए अहम माना और उन्हें केरल विधानसभा चुनाव में पार्टी के अन्य नेताओं के साथ मिलकर काम करने को कहा।

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