– प्रकरण की तीन न्यायाधीशों की कमेटी से जांच कराने व दोषियों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग
– प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपते डोमा परिसंघ के जिलाध्यक्ष।
फतेहपुर। दलित, ओबीसी, माइनॉरिटीज एवं आदिवासी संगठनों का परिसंघ की जिला इकाई ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर मकबरे के विवाद पर नाराजगी जताते हुए प्रकरण की तीन न्यायाधीशों की कमेटी से जांच कराने के साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की। डोमा परिसंघ के जिलाध्यक्ष मिस्बाहुल हक ने राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में बताया कि शहर के रेड़इया आबूनगर स्थित लगभग 350 वर्ष पुराने नवाब अब्दुस समद मकबरा राजस्व अभिलेखों में गाटा सं0 753 में स्थित है। जिसका रकबा 1.765 है जो राष्ट्रीय सम्मानित श्रेणी-1 में दर्ज है। जिसमें अराजकतत्वों ने ग्यारह अगस्त को प्रवेश किया और राष्ट्रीय सम्पत्ति को क्षतिग्रस्त करने के साथ-साथ मकबरा में स्थापित मजारों में तोड़फोड़ की। अराजकतत्वों ने अधिनियम का दुरूपयोग किया। मांग किया कि इस प्रकरण की उच्च न्यायालय के सेवारत तीन न्यायाधीशों की कमेटी से जांच कराई जाए, राष्ट्रीय सम्पत्ति को क्षति पहुंचाने व क्षतिग्रस्त करने वाले दोषियों को कानून के दायरे में कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए, मकबरे और उससे जुड़ी भूमि आदि संपूर्ण सम्पत्ति को अतिक्रमण मुक्त कर संरक्षित किया जाए। इस स्थल को धार्मिक सदभाव-भाईचारा बनाए रखने के लिए सार्वजनिक नियंत्रण के अधीन करते हुए पार्क व पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। भविष्य में धार्मिक सामाजिक कार्यक्रम हेतु प्रतिषिद्ध क्षेत्र घोषित किया जाए। इस मौके पर प्रदेश सचिव संदीप साहू एडवोकेट, चन्द्र प्रकाश लोधी एडवोकेट, मोहम्मद अशफाक, अमरनाथ कैथल एडवोकेट भी मौजूद रहे।
