मध्यप्रदेश के शहडोल से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. ऑनलाइन गेम की लत और कर्ज के दबाव में एक मोबाइल कारोबारी ने खौफनाक कदम उठा लिया, जिसने पूरे परिवार को तबाह कर दिया. कारोबारी ने पत्नी और बेटी को जहर पिलाने के बाद खुद भी जहर पी लिया. इलाज के दौरान पिता और बेटी की मौत हो गई, जबकि पत्नी आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रही है. इस घटना में परिवार का 15 वर्षीय बेटा ही अकेला बचा है.
यह मामला शहडोल जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र की पुरानी बस्ती का है. यहां रहने वाले 40 वर्षीय शंकर लाल गुप्ता मोबाइल का कारोबार करते थे. बताया जा रहा है कि वे पिछले करीब एक साल से ऑनलाइन गेम बीडीजी खेलने के आदि हो चुके थे और इस दौरान करीब 4 लाख रुपए हार चुके थे. कर्ज का बोझ लगाता बढ़ता गया और आर्थिक तंगी ने उन्हें गहरे तनाव में डाल दिया.
बताया जा रहा है कि 24 फरवरी की रात शंकल लाल अपने 15 वर्षीय बेटे को बाजार ले गए थे. बेटे को एक परिचित की दुकान पर छोड़कर वे घर लौट आए. बाजार से खरीदी गई कोल्ड ड्रिंक में कथित तौर पर जहर मिलाया. कोल्ड ड्रिंक पहले पत्नी राजकुमारी और 16 साल की बेटी स्वाति को पिला दी. इसके बाद खुद भी जहर मिली कोल्ड ड्रिंक पी ली.पिता-बेटी की मौत, मां ICU में
रात में चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे तो तीनों की हालत गंभीर थी. तत्काल एंबुलेंस बुलाकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया. इलाज के दौरान 25 फरवरी की सुबह बेटी स्वाति की मौत हो गई, जबकि शाम करीब 6 बजे शंकर लाल ने भी दम तोड़ दिया. पत्नी राजकुमारी की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है और वह मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती हैं. इस पूरी घटना में परिवार का 15 वर्षीय बेटा बच गया, क्योंकि जिस वक्त घर में कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाया जा रहा था, वह घर पर मौजूद नहीं था.
पुलिस जांच में जुटी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहडोल अभिषेक दीवान ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला आर्थिक तंगी और ऑनलाइन गेम में हुए नुकसान से जुड़ा लग रहा है. मर्ग कायम कर लिया गया है. पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है.
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