उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। शहर के कटरा कोतवाली क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक पर निकले एक वरिष्ठ अधिवक्ता और ग्राम प्रधान की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में डर और गुस्से का माहौल है।
कौन थे मृतक?
मृतक की पहचान 45 वर्षीय राजीव सिंह उर्फ रिंटू रिंकू के रूप में हुई है, जो न सिर्फ एक वरिष्ठ अधिवक्ता थे बल्कि देवरी गांव के ग्राम प्रधान भी थे। स्थानीय स्तर पर उनकी अच्छी पहचान और प्रभाव था।
कैसे हुई वारदात?
यह घटना कटरा कोतवाली थाना क्षेत्र के अनगढ़ रोड, कतवारूपुर इलाके की है। बताया जा रहा है कि राजीव सिंह रोज की तरह सुबह टहलने निकले थे। तभी पहले से घात लगाए बाइक सवार बदमाशों ने पास आकर देशी तमंचे से उन्हें गोली मार दी। गोली लगते ही वह मौके पर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
लोगों को भी डराया, कोई मदद को नहीं आया
घटना के दौरान जब आसपास के लोग मौके की ओर बढ़े, तो बदमाशों ने उन पर भी तमंचा तान दिया। इस वजह से कोई भी व्यक्ति घायल अधिवक्ता के पास जाने की हिम्मत नहीं कर सका। यह पूरा घटनाक्रम कुछ ही मिनटों में हुआ और हमलावर आराम से फरार हो गए।
CCTV में कैद हुई पूरी घटना
इस हत्याकांड का पूरा वीडियो पास के CCTV कैमरे में कैद हो गया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि:
- हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे
- उनके पास दो तमंचे थे
- गोली मारने के बाद उन्होंने हथियार आपस में बदल लिया
- एक आरोपी बाइक चलाने लगा, दूसरा पीछे बैठकर लोगों को डराता रहा
इससे साफ है कि हत्या पूरी प्लानिंग के साथ की गई थी।
पहले से थी जान का खतरा
परिजनों का दावा है कि राजीव सिंह ने पहले ही कटरा कोतवाली में लिखित शिकायत देकर अपनी जान को खतरा बताया था। आरोप है कि अगर पुलिस ने उस समय कार्रवाई की होती, तो शायद आज यह हत्या न होती।
क्या है हत्या की वजह?
प्रथम दृष्टया यह मामला गांव की चुनावी रंजिश से जुड़ा बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हमलावर काफी समय से राजीव सिंह की रेकी कर रहे थे और पहले भी उन पर हमला करने की कोशिश कर चुके थे।
पुलिस क्या कह रही है?
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। पुलिस अधीक्षक समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
शहर के बीचों-बीच, वो भी सुबह के समय इस तरह की वारदात ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति गुस्सा साफ देखा जा रहा है। यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही और अपराधियों के बढ़ते हौसलों की कहानी भी है। जब कोई व्यक्ति पहले ही खतरे की जानकारी दे चुका हो और फिर भी सुरक्षा न मिले, तो यह प्रशासन के लिए बड़ा सवाल बन जाता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस कितनी जल्दी आरोपियों को पकड़ती है और क्या इस मामले में न्याय मिल पाता है या नहीं।
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