– जिले की शैक्षणिक कार्ययोजना पर दिया गया जोर
– कार्यशाला को संबोधित करते वक्ता।
फतेहपुर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण के संदर्भ में दो दिवसीय कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ शुक्रवार को किया गया। कार्यशाला का संचालन प्रचार्य एवं उप शिक्षा निदेशक आरती गुप्ता के मार्गदर्शन में हो रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य राष्ट्रीय सर्वेक्षण के निष्कर्षों को समझना, उनका विश्लेषण करना तथा जनपद स्तर पर प्रभावी शैक्षणिक कार्ययोजना तैयार करना है। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजन के साथ किया गया। सेवारत प्रशिक्षण प्रभारी विनय कुमार मिश्र, प्रवक्ता वीणा सिंह द्वारा दीप प्रज्जवलित कर कार्यशाला का उद्घाटन किया गया। राज्य स्तरीय संदर्भ समूह के सदस्य राधेश्याम दीक्षित एवं शैक्षिक संसाधन व्यक्ति संजय सिंह संदर्भदाता के रूप में उपस्थित रहे। प्रारंभिक सत्र में विनय कुमार मिश्र ने कार्यशाला के उद्देश्यों एवं प्रतिभागियों की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में परख व्यवस्था की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा के लक्ष्य, पाठ्यचर्या, दक्षताएं तथा अधिगम परिणाम किस प्रकार एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 की परख योजना इन्हीं आयामों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जिससे विद्यार्थियों की वास्तविक शैक्षणिक स्थिति का आकलन संभव हो सके। आगामी सत्रों में जनपद फतेहपुर की परख रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। प्रतिभागियों को परख संकेत पट पर उपलब्ध आंकड़ों को देखने एवं समझने की प्रक्रिया बताई गई। रिपोर्ट के आधार पर जनपद की शैक्षणिक उपलब्धियों तथा सुधार योग्य क्षेत्रों पर सामूहिक चर्चा की गई। समूहवार विचार-विमर्श के माध्यम से आगामी शैक्षणिक कार्य योजना का प्रारूप तैयार किया गया। कार्यशाला में जनपद के सभी शैक्षिक संसाधन व्यक्तियों तथा नामित शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की और शिक्षण-अधिगम की गुणवत्ता सुधार के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। प्रथम दिवस सहभागिता, चिंतन और योजना निर्माण की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी एवं परिणामकारी रहा। द्वितीय दिवस में तैयार की गई कार्ययोजना को अंतिम रूप देकर उसके प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीति निर्धारित की जाएगी, जिससे जनपद की शैक्षणिक गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

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