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“परीक्षा पे चर्चा में PM का खास अंदाज़: बच्चों संग बिताए यादगार पल, असमिया गमछे से हुआ स्वागत”

‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का कार्यक्रम शुरू हो चुका है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने देशभर के छात्रों से संवाद किया और उन्हें एग्जाम स्ट्रेस और पढ़ने को लेकर टिप्स दिए. सबसे पहले पीएम मोदी ने सभी स्टूडेंट्स को उनकी ही भाषा में वेलकम किया. इसी के साथ असम का पारंपरिक गमछा पहनाकर स्वागत किया.

PPC 2026 स्टूडेंट ने पूछा माता पिता कुछ कहते हैं, शिक्षक कुछ, किसकी सुनें

कार्यक्रम के दौरान एक सटूडेंट ने सवाल किया कि माता-पिता और शिक्षक अलग-अलग तरीके से सलाह देते हैं और छात्रों का अपना अलग ट्रेंड होता है. ऐसे में क्या करें. इस कंफ्यूजन को दूर करते हुए पीएम ने समझाया कि जीवनभर ऐसा होगा. खुद पीएम होने के बाद भी उन्हें कई तरह के सलाह मिलते हैं. मैं प्रधानमंत्री हूं, फिर भी मुझे रोज अलग-अलग लोग अलग तरह की सलाह देते हैं, कोई कहता है ऐसे करो, कोई कहता है वैसे करो.

पढ़ाई में अपना पैटर्न बनाएं

पीएम ने घर के खाने का उदाहरण देते हुए कहा कि हर इंसान खाने का अपना पैटर्न बनाता है. कोई सब्जी से शुरू करता है, कोई दाल से, कोई सब कुछ मिलाकर खाता है. लेकिन क्या हम किसी और का पैटर्न कॉपी करते हैं? नहीं, हम अपने हिसाब से खाते हैं. ठीक वैसे ही पढ़ाई का भी अपना पैटर्न बनाना चाहिए.

पीएम मोदी की चर्चा की 5 बड़ी बातें-

  1. विकसित भारत को अपना सपना बनाएं पीएम बोले- जब आजादी के 100 साल पूरे होंगे तब आप लोग 39-40 साल के होंगे। आपको अभी से विकसित भारत को अपना सपना बनाना चाहिए। भगत सिंह आजादी का सपना दिल में रखकर फांसी पर झूल गए। जो आजादी से 25 साल पहले, 30 साल पहले बलिदान किए गए, उसी से आजादी मिली। अपना सपना बनाएं कि विकसित भारत के लिए मुझे क्‍या करना है।
  2. खुद पर भरोसे से भगाएं कोई भी डर स्‍टूडेंट ने सवाल किया कि प्रेजेंटेशन देते समय मैं घबरा जाता हूं। इस डर को कैसे भगाऊं?पीएम ने कहा- कभी देखा है कि फुटपाथ पर कोई गरीब महिला भी जब टीवी पर किसी घटना के बारे में बताती है तो कितने आत्‍मविश्‍वास से बात करती है। क्‍या उसने इंटरव्‍यू की कोई प्रैक्टिस की है? नहीं। उसका आत्‍मविश्‍वास आता है सच्‍चाई है। उसे पता है कि उसने जो देखा वही कहना है। आप भी अपने किए हुए पर भरोसा रखें तो प्रेजेंटेशन का डर भाग जाएगा।
  3. देश की अमर कहान‍ियों पर गेम बनाओ गोवा के श्रीजीत गाडगिल ने सवाल किया, मेरा गेमिंग में बहुत इंटरेस्‍ट है। मगर पेरेंट्स नहीं समझते। मैं क्‍या करूं। पीएम ने जवाब दिया- भारत देश कहानियों से भरा हुआ है। आप खुद के गेम बनाओ। पंचतंत्र की कहानियों पर गेम बनाओ। अभिमन्‍यु की कहानी पर गेम बनाओ और अपनी वेबसाइट बनाकर उसपर लॉन्‍च करो। धीरे-धीरे देखोगे कि कितने लोग तुम्‍हारे गेम्‍स खेल रहे हैं।
  4. मार्क्‍स-मार्क्‍स की बीमारी से बचो एक स्‍टूडेंट के सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा- पता नहीं ये मार्क्‍स- मार्क्‍स की बीमारी कैसे फैल गई है। आप लोगों को पिछले साल के टॉप 1 से 10 तक के नाम याद हैं क्‍या? ये उप्‍लब्धि तो कुछ देर के लिए होती है। हमें ये देखना चाहिए कि पढ़ाई से हमारे जीवन पर क्‍या असर हुआ है। न कि ये कि हमारे मार्क्‍स कितने आए हैं।
  5. स्किल या मार्क्‍स में से एक के पीछे न भागो एक स्‍टूडेंट ने पीएम से सवाल किया कि स्किल जरूरी है या मार्क्‍स? पीएम मोदी ने कहा कि इस सवाल का कोई सही जवाब नहीं है। अगर एक तरफ झुकोगे तो गिरोगे ही। जीवन में स्किल की जरूरत तो होगी ही और स्‍टूडेंट होने के नाते मार्क्‍स लाने भी जरूरी हैं। सही जवाब है कि दोनों के बीच संतुलन चाहिए।

बेईमानी न करें, अपने पढ़ने का समय चुनें

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ बच्चों को रात में पढ़ना अच्छा लगता है, कुछ को सुबह चार बजे उठकर पढ़ना. लेकिन कुछ लोग खुद से भी बेईमानी करते हैं. रात को कहते हैं सुबह पढ़ेंगे और सुबह उठते ही नहीं. उन्होंने छात्रों से कहा कि हर सलाह को सुनो, लेकिन अपनी जिंदगी और पढ़ाई का तरीका खुद तय करो. पीएम मोदी ने यह भी बताया कि जब परीक्षा पे चर्चा की शुरुआत हुई थी, तब इसका एक पैटर्न था, लेकिन समय के साथ इसमें नए-नए तरीके और विचार जुड़ते गए. हालांकि, इसका मूल उद्देश्य कभी नहीं बदला जोकि छात्रों को तनाव से मुक्त करना और उन्हें आत्मविश्वास देना.

 

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