विशाखापत्तनम: भारतीय नौसेना ने अपने बेड़े में एक और अत्याधुनिक स्वदेशी स्टेल्थ फ्रिगेट INS तारागिरी (F41) को शामिल कर देश की समुद्री शक्ति को मजबूती प्रदान की है। इस महत्वपूर्ण कमीशनिंग समारोह में केंद्रीय रक्षा मंत्री Rajnath Singh मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने समारोह के दौरान कहा कि विशाखापत्तनम शहर अपने आप में भारत की समुद्री शक्ति का साक्षी रहा है और इस स्थान से INS तारागिरी का कमीशनिंग होना खुद में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम है रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “हमारी सांस्कृतिक विरासत से लेकर आज की रणनीतिक वास्तविकताएँ तक, समुद्र हमेशा भारत की दिशा तय करता रहा है। भारत का समुद्र के साथ अनोखा संबंध रहा है और समय के साथ यह रिश्ता और भी मजबूत हुआ है। INS तारागिरी की कमीशनिंग इसी निरंतरता और सामरिक ताकत का प्रतीक है।”
INS तारागिरी: स्वदेशी तकनीक और स्टेल्थ क्षमता का मिश्रण
INS तारागिरी को पूरी तरह स्वदेशी तकनीक का प्रयोग करते हुए तैयार किया गया है। यह फ्रिगेट अत्याधुनिक स्टेल्थ फीचर से लैस है, जिससे यह रडार सिस्टम पर पकड़ में नहीं आता। यह युद्धपोत आधुनिक हथियार प्रणाली, मिसाइल और निगरानी तकनीकों से युक्त है, जो इसे किसी भी समुद्री खतरे का मुकाबला करने में सक्षम बनाती हैभारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि INS तारागिरी की विशेषता इसकी उच्च गति, अत्याधुनिक हथियार सिस्टम और एंटी-सबमरीन क्षमता है। यह फ्रिगेट देश की समुद्री सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ रणनीतिक मिसाइल रक्षा प्रणाली में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
समुद्र और भारत का ऐतिहासिक संबंध
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत हमेशा से ही समुद्र के माध्यम से रणनीतिक रूप से मजबूत रहा है। प्राचीन काल में समुद्री मार्ग व्यापार और सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहे हैं। विशाखापत्तनम की भौगोलिक स्थिति ने इसे भारतीय नौसेना के लिए ऐतिहासिक और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बना दिया है समतल जमीन पर विकास करना आसान होता है, लेकिन समुद्र और खाड़ी के बीच स्थित क्षेत्रों में रक्षा और सुरक्षा संरचनाओं का निर्माण चुनौतीपूर्ण होता है। यही कारण है कि INS तारागिरी जैसी अत्याधुनिक नौसैनिक जहाज की कमीशनिंग एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है,” उन्होंने कहा।
भारतीय नौसेना की ताकत में बढ़ोतरी
INS तारागिरी की कमीशनिंग से भारतीय नौसेना की सामरिक क्षमता में काफी वृद्धि होगी। यह जहाज केवल समुद्री सुरक्षा ही नहीं सुनिश्चित करेगा बल्कि भारतीय समुद्री शक्ति को क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त भी बनाएगा।विशाखापत्तनम पोर्ट और नौसेना बेस की भौगोलिक स्थिति इसे भारत की सुरक्षा रणनीति में महत्वपूर्ण बनाती है। इस शहर से कई ऐतिहासिक युद्धों और समुद्री अभियानों में भारतीय नौसेना ने देश की रक्षा की है।
रक्षा मंत्री का संदेश और भविष्य की रणनीति
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि INS तारागिरी की कमीशनिंग भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने अधिकारियों और नौसेना कर्मियों को भविष्य में और भी अत्याधुनिक तकनीक विकसित करने के लिए प्रेरित किया उन्होंने यह भी जोर दिया कि नौसेना के लिए मानव संसाधन और तकनीकी विकास के साथ-साथ समुद्री रणनीति में सतत निवेश आवश्यक है। उनके अनुसार, INS तारागिरी केवल एक जहाज नहीं बल्कि भारत की सुरक्षा और समुद्री शक्ति की एक प्रतीकात्मक इमारत है।
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