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अमेरिका में तेजी से बढ़ रही भारतीयों की आबादी, 50 से ज्यादा इलाकों में बसे ‘मिनी इंडिया’; 5 साल में 75 होने का अनुमान

अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की आबादी लगातार बढ़ रही है। पिछले दो दशकों में अमेरिका के 50 से ज्यादा इलाकों में भारतीय समुदाय की बड़ी बस्तियां विकसित हो चुकी हैं। इन क्षेत्रों को अनौपचारिक तौर पर ‘मिनी इंडिया’ कहा जा रहा है। अनुमान है कि आने वाले पांच वर्षों में ऐसे इलाकों की संख्या बढ़कर करीब 75 तक पहुंच सकती है।

अमेरिकी प्रशासन की वीजा और ग्रीन कार्ड नीतियों में सख्ती के बावजूद भारतीयों का अमेरिका जाना और वहां स्थायी रूप से बसना जारी है। टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, फार्मा और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भारतीयों को आकर्षित कर रहे हैं।

कैलिफोर्निया में सबसे ज्यादा भारतीय आबादी

अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की सबसे बड़ी आबादी कैलिफोर्निया में है। यहां करीब 9.3 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं। इसके बाद टेक्सास का स्थान है, जहां लगभग 5.4 लाख भारतवंशी रहते हैं।

कैलिफोर्निया और टेक्सास के कई शहरों में भारतीय समुदाय ने अपनी अलग पहचान बनाई है। यहां मंदिर, भारतीय रेस्तरां, किराना स्टोर, सांस्कृतिक संस्थाएं और क्रिकेट गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं।

फ्रिस्को में करीब 19 फीसदी आबादी भारतीय मूल की

टेक्सास का फ्रिस्को शहर भारतीय समुदाय की बढ़ती मौजूदगी का बड़ा उदाहरण है। करीब 25 साल पहले तक यह इलाका बड़े पैमाने पर खेतों के लिए जाना जाता था, लेकिन अब इसकी आबादी 2.5 लाख से ज्यादा हो चुकी है। इसमें लगभग 19 फीसदी लोग भारतीय मूल के बताए जाते हैं।

फ्रिस्को के अलावा प्लेनो और एलन जैसे आसपास के शहरों में भी भारतीय कारोबार और सांस्कृतिक गतिविधियों का विस्तार हुआ है। यहां भारतीय मंदिरों से लेकर रेस्तरां और दुकानों तक की संख्या बढ़ रही है।

डबलिन में स्कूलों तक दिख रहा भारतीय प्रभाव

कैलिफोर्निया के डबलिन और सैन रेमन क्षेत्र में भारतीय मूल के लोगों की हिस्सेदारी करीब 18 फीसदी है। डबलिन के स्कूलों में भारतीय मूल के छात्रों की संख्या भी काफी अधिक है और कुछ स्कूलों में यह हिस्सेदारी करीब 41 फीसदी तक बताई जाती है।

नई पीढ़ी अमेरिकी समाज में रहते हुए भारतीय परंपराओं से भी जुड़ी हुई है। दिवाली जैसे त्योहारों के साथ क्रिकेट और भारतीय खान-पान का चलन भी बढ़ा है। भारतीय भोजन की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कुछ इलाकों में ड्राइव-थ्रू भारतीय फूड आउटलेट भी दिखाई देने लगे हैं।

सिलिकॉन वैली में भारतीय पेशेवरों का बढ़ता प्रभाव

सिलिकॉन वैली में भारतीय मूल के पेशेवरों और उद्यमियों की भूमिका लगातार मजबूत हुई है। तकनीकी क्षेत्र में भारतीयों की बड़ी संख्या ने अमेरिका के स्टार्टअप और बिजनेस इकोसिस्टम में भी अपनी जगह बनाई है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, भारतीय समुदाय की मजबूत मौजूदगी सिर्फ कैलिफोर्निया और टेक्सास तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले वर्षों में अमेरिका के दूसरे राज्यों में भी भारतीय बहुल इलाके विकसित हो सकते हैं।

भारतीय परिवारों की आय भी अधिक

अमेरिका में बसे भारतीय परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत बताई जाती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भारतीय परिवारों की औसत सालाना आय करीब 1.54 करोड़ रुपये के बराबर है, जबकि अमेरिकी परिवारों की औसत आय लगभग 80 लाख रुपये के आसपास है।

उच्च शिक्षा, टेक्नोलॉजी और मेडिकल जैसे क्षेत्रों में भारतीयों की बड़ी भागीदारी उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने की प्रमुख वजहों में शामिल है।

वीजा नियमों में सख्ती के बावजूद जारी है भारतीयों का प्रवास

अमेरिका में भारतीयों की बढ़ती आबादी ऐसे समय में सामने आ रही है, जब ट्रंप प्रशासन ने वीजा और इमिग्रेशन से जुड़े नियमों को सख्त किया है।

H-1B वीजा से जुड़ी प्रस्तावित फीस में भारी बढ़ोतरी, आवेदकों की सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच और वीजा इंटरव्यू के नियमों में बदलाव से विदेशी पेशेवरों के लिए प्रक्रिया पहले की तुलना में कठिन हुई है।

इसके बावजूद अमेरिकी कंपनियों में भारतीय तकनीकी और पेशेवर कर्मचारियों की मांग बनी हुई है। यही वजह है कि सख्त इमिग्रेशन नीतियों के बीच भी अमेरिका में भारतीय समुदाय का विस्तार जारी है।

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