फतेहपुर: जिले के राजकीय पॉलिटेक्निक में तैनात बाबू अभिलाष श्रीवास्तव की पत्नी ने प्रिंसिपल, सौतेली सास और ननद पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने इस संबंध में एक प्रार्थना पत्र भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है पीड़िता के अनुसार, उसके ससुर की मृत्यु के बाद परिवार की परिस्थितियों में बदलाव आया। ससुर के फंड की पूरी राशि और पेंशन उसकी सौतेली सास को दे दी गई। इसके साथ ही वर्ष 2019 में उसके पति अभिलाष श्रीवास्तव को सहानुभूति के आधार पर राजकीय पॉलिटेक्निक में नौकरी प्राप्त हुई।

महिला का आरोप है कि नौकरी मिलने के बाद से ही उसके पति अपने वेतन का लगभग आधा हिस्सा हर महीने अपनी सौतेली सास और अविवाहित बहन को देते रहे हैं। यह व्यवस्था लंबे समय तक चलती रही, लेकिन पिछले कुछ महीनों से हालात बिगड़ गए हैं। पीड़िता ने बताया कि उसके पति की दाहिनी किडनी खराब हो गई है, जिसके कारण इलाज और दवाइयों में भारी खर्च हो रहा है। ऐसे में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है इसके बावजूद सौतेली सास और ननद द्वारा वेतन का 50 प्रतिशत हिस्सा लगातार मांगा जा रहा है। महिला का आरोप है

कि इस मामले को लेकर उसकी सौतेली सास ने कानपुर की विधायक नीलिमा कटियार से मुलाकात कर राजकीय पॉलिटेक्निक के प्रिंसिपल से शिकायत की। पीड़िता का कहना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद प्रिंसिपल द्वारा उसके पति को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे उनकी स्थिति और गंभीर होती जा रही है पीड़िता ने अपने प्रार्थना पत्र में कहा है कि वह अपनी सास की सेवा करना चाहती है, लेकिन उसकी सौतेली सास अपने परिजनों के प्रभाव में आकर उसे और उसके पति को प्रताड़ित कर रही है। उसने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और उसके परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस प्रकरण में क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को कब तक राहत मिलती है।
News Wani
