भारत सरकार ने टैक्स सिस्टम में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव करते हुए इनकम टैक्स रूल्स, 2026 का ड्राफ्ट पेश कर दिया है. यह नया ढांचा 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाले नए इनकम टैक्स एक्ट, 2025 का हिस्सा है. इसका मुख्य उद्देश्य कागजी कार्रवाई को कम करना और आम जनता के लिए टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाना है.
क्या हैं इस नए बदलाव के खास फायदे?
सरकार का लक्ष्य पुराने और उलझाऊ नियमों को हटाकर एक आधुनिक सिस्टम तैयार करना है. यहां कुछ मुख्य पॉइंट्स दिए गए हैं:
- नियमों की संख्या घटी: पहले के 511 नियमों को घटाकर अब सिर्फ 323 कर दिया गया है. इससे कानून को समझना आसान होगा.
- पुराना सिस्टम खत्म: यह नया नियम 1962 से चले आ रहे पुराने नियमों की जगह लेगा.
- कम होंगे विवाद: नियमों के स्पष्ट होने से टैक्सपेयर्स और विभाग के बीच होने वाली कानूनी लड़ाई (Litigation) में कमी आएगी.
- स्मार्ट फॉर्म: आने वाले नए फॉर्म्स में ऑटो-फिल (पहले से भरी जानकारी) और तकनीक का ज्यादा इस्तेमाल होगा, जिससे गलती की गुंजाइश कम होगी.
आम टैक्सपेयर्स पर क्या असर पड़ेगा?
टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार इस बदलाव का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अब टैक्स फाइलिंग कम उलझाऊ और अधिक सटीक होगी. नए ड्राफ्ट में कठिन कानूनी भाषा के बजाय सरल टेबल और फॉर्मूला का इस्तेमाल किया गया है, जिससे आम आदमी भी इसे आसानी से समझ सके. संपत्तियों की कीमत (FMV) तय करने और निवेश की अवधि (Holding Period) निकालने के नियमों को इतना साफ कर दिया गया है कि अब गणना करना पहले से कहीं ज्यादा सरल होगा. इसके अलावा, तकनीक के इस्तेमाल से रिटर्न की प्रोसेसिंग और रिफंड मिलने की रफ्तार भी काफी बढ़ जाएगी.
अगला कदम क्या है?
फिलहाल सरकार ने इस ड्राफ्ट को जनता और विशेषज्ञों के सुझावों के लिए ओपन रखा है, ताकि इसे और बेहतर बनाया जा सके. देश का कोई भी नागरिक या टैक्स प्रोफेशनल 22 फरवरी, 2026 तक अपनी राय सरकार के साथ साझा कर सकता है. इन सुझावों पर विचार करने के बाद सरकार फाइनल नियमों को नोटिफाई करेगी, जो नए एक्ट के साथ 1 अप्रैल से देशभर में प्रभावी हो जाएंगे. इसके तुरंत बाद नए और आधुनिक ITR फॉर्म्स के भी आने की उम्मीद है, जो टैक्स भरने के अनुभव को पूरी तरह बदल देंगे.
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