लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ली है। गुरुवार को लखनऊ समेत कई जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। दोपहर के समय लखनऊ में अचानक आसमान में घने बादल छा गए और दिन में ही अंधेरा जैसा नजारा देखने को मिला। इसके बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई।
बरेली में मौसम का असर सबसे ज्यादा दिखाई दिया। तेज आंधी के कारण कई जगह पेड़ उखड़ गए और बिजली के पोल व हाईटेंशन लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। किला पुल पर बड़ा पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया। वहीं, बल्लाकोठा गांव में बारिश और तेज हवा के दौरान कच्ची दीवार गिरने से 25 वर्षीय महिला की मलबे में दबकर मौत हो गई। एक अन्य घटना में दीवार गिरने से कई लोग घायल हुए।
कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र में भी तेज हवाओं के बाद मूसलाधार बारिश हुई। करीब आधे घंटे तक तेज हवा चलने से कई पेड़ सड़कों पर गिर गए, जिससे संपर्क मार्ग प्रभावित हुआ। संभल में भारी बारिश के बाद सड़कें और गलियां पानी से भर गईं। कई इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
66 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 66 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले 24 घंटे में पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पश्चिमी यूपी में 20 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है, जबकि 22 सितंबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क होने के आसार हैं।
बाढ़ से 26 जिलों में हालात प्रभावित
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर उत्तर प्रदेश की नदियों के जलस्तर पर भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश के करीब 26 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं और बड़ी आबादी प्रभावित बताई जा रही है।
लखीमपुर खीरी में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सैकड़ों एकड़ गन्ने की फसल पानी में डूब गई है। अमरी घाट स्थित मंदिर परिसर में भी पानी पहुंच गया है और सीढ़ियां जलमग्न हो गई हैं।
पीलीभीत के ग्रामीण इलाकों में बारिश और बाढ़ के बीच जंगली जानवरों की आवाजाही भी बढ़ गई है। पूरनपुर क्षेत्र के एक गांव में आबादी के नजदीक तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों में डर का माहौल है।
मानसून की विदाई करीब, मौसम में तेजी से बदलाव
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर प्रदेश से मानसून की विदाई का समय नजदीक आ रहा है। पश्चिमी हिस्सों से मानसून की वापसी पहले शुरू होती है, जबकि पूर्वी यूपी में इसका प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक समय तक बना रह सकता है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलता रह सकता है।
मौसम में बदलाव का असर खेती पर भी पड़ सकता है। सितंबर के अंतिम दिनों में बारिश की स्थिति रबी की फसलों की बुआई के लिए महत्वपूर्ण रहेगी। गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलों की बुआई के दौरान खेतों में पर्याप्त नमी नहीं रहने पर किसानों को परेशानी हो सकती है।
फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों को प्रभावित इलाकों में सतर्क रहने की जरूरत है।
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