बरामद शव को जांग कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में रखा गया है, जहां शनिवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा. पुलिस के अनुसार, सेला लेक और अन्य पर्यटन स्थलों पर पहले से चेतावनी बोर्ड लगे हैं, जिनमें जमी हुई झीलों पर चलने से मना किया गया है. दिसंबर में भी जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर बताया था कि बर्फ की परत कमजोर होती है और इंसान का वजन सहन नहीं कर पाती. 13,000 फीट से ज्यादा ऊंचाई पर स्थित सेला लेक सर्दियों में बेहद खतरनाक हो जाती है. यह हादसा पर्यटकों के लिए एक सख्त चेतावनी बनकर सामने आया है.