फतेहपुर। लगातार हो रही बारिश ने कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं दीवारें दरक रही हैं तो कहीं छतें भरभराकर जमीन पर गिर रही हैं। जिले में दो दिनों की बारिश के दौरान 72 से अधिक कच्चे मकानों के गिरने की सूचना है। इसी क्रम में असोथर विकासखंड के कौंडर गांव में धर्मपाल पुत्र स्वर्गीय शिवमंगल का कच्चा मकान भी बारिश की मार नहीं झेल सका। घर के तीन कमरों की कच्ची छत अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि परिवार पहले ही घर से बाहर टीन शेड के नीचे सोने लगा था, जिससे सात सदस्यों की जान बाल-बाल बच गई।
कौंडर गांव निवासी धर्मपाल के परिवार में पत्नी छेदी, बुजुर्ग मां और चार बच्चों समेत कुल सात सदस्य हैं। लगातार बारिश के बीच परिवार को पहले ही मकान की हालत को लेकर अनहोनी की आशंका सताने लगी थी। इसी वजह से सभी लोग घर के अंदर सोने के बजाय बाहर पड़े टीन शेड के नीचे रात गुजार रहे थे। इसी दौरान मकान के तीनों कमरों की कच्ची छत भरभराकर नीचे आ गिरी। छत गिरने की तेज आवाज से आसपास के लोगों में भी हड़कंप मच गया।
छेदी ने बताया कि मकान का बचा हुआ हिस्सा भी बुरी तरह जर्जर हो चुका है। दीवारों और छत में दरारें पड़ गई हैं और कभी भी बाकी हिस्सा भी गिर सकता है। घर का अधिकांश हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद परिवार के सामने अब सिर छिपाने तक का संकट खड़ा हो गया है। बारिश के बीच खुले आसमान, टीन शेड और तिरपाल के सहारे परिवार रात गुजारने को मजबूर है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि धर्मपाल ही परिवार में अकेले कमाने वाले हैं। सीमित आमदनी में सात सदस्यों का भरण-पोषण पहले से ही मुश्किल है। परिवार को उम्मीद थी कि सरकारी आवासीय योजना के तहत उन्हें पक्की छत नसीब होगी, लेकिन अब तक योजना का लाभ नहीं मिल सका। कच्चा मकान गिरने के बाद परिवार की परेशानी और बढ़ गई है।
लगातार बारिश कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए आफत बन गई है। जिले के अलग-अलग इलाकों में मकान गिरने से कई परिवारों की गृहस्थी मलबे में दब गई है। कई परिवार खुले आसमान या तिरपाल के नीचे रात गुजारने को विवश हैं। प्रशासन की ओर से क्षतिग्रस्त मकानों का आकलन कराया जा रहा है।
कौंडर गांव के पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से मकान गिरने से हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने के साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाकर पक्की छत उपलब्ध कराने की मांग की है।
News Wani
