*संवाददाता* :
*सैयद समीर हुसैन*
*मुंब्रा* में 15 जनवरी को हुए महानगरपालिका चुनावों के दौरान चुनावी माहौल काफ़ी गरम देखने को मिला। खासतौर पर वार्ड नंबर 32 और 33 में मतदाताओं की भारी नाराज़गी सामने आई। कई मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में ना मिलने के कारण वे अपने मतदान अधिकार का उपयोग नहीं कर सके, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे पिछले साढ़े आठ वर्षों से महानगरपालिका चुनाव का इंतज़ार कर रहे थे, ताकि अपने मताधिकार का प्रयोग कर अपने वार्ड की बुनियादी समस्याओं को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से हल करवा सकें। लेकिन मतदाता सूची में नाम इधर-उधर होने से कई लोग मतदान से वंचित रह गए। हालात को संभालने में प्रशासन को कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन मुंब्रा पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल शिंदे ने चुनाव से पहले किए गए अपने वादे को निभाया। उन्होंने पूरे चुनाव के दौरान कड़ी निगरानी रखी और चुनाव आयोग के साथ मिलकर शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित किया। हर पोलिंग बूथ पर पुलिस की उपस्थिति देखने को मिली।
हालांकि वार्ड नंबर 32 और 33 में माहौल अपेक्षाकृत अधिक तनावपूर्ण रहा, लेकिन पुलिस प्रशासन की सतर्कता से किसी भी असामाजिक तत्व की मंशा सफल नहीं हो सकी और चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गए।
वोटिंग के बाद 15 जनवरी की रात सभी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों के लिए बेहद अहम रही, क्यों के एमएम वैली स्टेडियम के पास उम्मीदवारों को मतगणना मशीनों की सुरक्षा को लेकर पहरा देते हुए देखा गया। उनका मानना है कि पूरी पारदर्शिता बनाए रखना बेहद ज़रूरी है।
अब मुंब्रा की जनता की निगाहें 16 जनवरी को आने वाले चुनावी नतीजों पर टिकी हैं। लोग दुआ कर रहे हैं कि परिणाम उनके पक्ष में आए और सही जनप्रतिनिधि चुना जाए। किसके सर जीत का सेहरा सजेगा, इसका फैसला जनता करेगी।चुनाव परिणाम आने के बाद हम आपको विस्तार से बताएंगे कि मुंब्रा के किस वार्ड से किसे जनप्रतिनिधि चुना गया है और आने वाले पाँच वर्षों में वे जनता के लिए क्या कार्य करते हैं। साथ ही, जनहित से जुड़े कार्यों और किसी भी तरह की अनियमितता या घोटालों को भी हम अपने समाचार के माध्यम से लगातार उजागर करते रहेंगे।
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