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“यूपी में एक ही घर से उजड़ा पूरा परिवार, इलाके में मचा हड़कंप”

सहारनपुर में सरकारी अमीन ने पत्नी, दो बेटों और मां के माथे में गोली मारकर हत्या कर दी। फिर खुद के सीने और माथे पर गोली मारकर सुसाइड कर लिया। पति और पत्नी का शव फर्श पर, जबकि मां और दोनों बच्चों के शव बेड पर पड़े थे। अमीन के पास तीन तमंचे पड़े मिले। वारदात का पता उस वक्त चला, जब बहनोई ने कई बार कॉल किया। फोन नहीं उठा तो उसने बेटे को घर भेजा। बेटे ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद खिड़की तोड़कर अंदर गया, जहां सभी के शव पड़े मिले।

सूचना पर डीएम मनीष बंसल और SSP आशीष तिवारी मौके पर पहुंचे। आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि सिंचाई विभाग में तैनात अमीन अशोक डिप्रेशन में था। चंडीगढ़ में उसका इलाज चल रहा था। SSP का कहना है कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि अमीन ने पहले परिवार के लोगों को गोली मारी और फिर खुद को गोली मार ली। मृतकों में अमीन अशोक राठौर (40), पत्नी अंजिता (37), मां विद्यावती (70) और दो बेटे कार्तिक (16) और देव (13) शामिल हैं। वारदात का पता चलते ही अमीन की पत्नी की बहन पहुंची और रो-रोकर बेसुध हो गई। पूरा मामला सरसावा थाना क्षेत्र की शाश्वत बिहार कॉलोनी का है।

पिता की जगह नौकरी पाए थे अशोक : अशोक अपने पिता की मौत के बाद उनकी जगह मृतक आश्रित में नौकरी पाए थे। वह नकुड़ तहसील में अमीन थे। शाश्वत बिहार कॉलोनी में 5 महीने पहले अमीन ने दो मंजिला मकान किराए पर लिया था। मकान मालिक देहरादून में रहते हैं। वह CRPF में सब-इंस्पेक्टर हैं। दूसरी मंजिल पर अमीन का परिवार रहता था। बेटा देव कस्बे के MTS पब्लिक स्कूल में कक्षा 9 का छात्र था। कार्तिक नकुड़ के एक इंटर कॉलेज में कक्षा 10 में पढ़ाई कर रहा था।

क्राइम सीन समझिए

  • जिस मंजिल पर मंजिल पर रहता था। उस पर 2 कमरे, एक किचन और एक वॉशरूम है। सभी के शव एक ही कमरे में मिले। इसमें एक चारपाई और एक बेड है।
  • पति और पत्नी के शव फर्श पर पड़े थे। मां और दोनों बच्चों के शव बेड पर मिले। सभी की लाशें खून से लथपथ थीं।
  • अमीन के पास तीन तमंचे पड़े मिले। फर्श पर खून बिखरा हुआ था। चारपाई और बेड की बेडशीट और तकिए खून से सने मिले।

बहनोई का कॉल नहीं उठाया, तब वारदात का पता चला: अशोक के बहनोई ने बताया कि मेरा घर से 200 मीटर की दूरी पर अशोक रहते थे। उन्होंने बताया- मंगलवार सुबह मैंने अशोक को कई बार कॉल किया। जब कॉल रिसीव नहीं हुई तो मैंने अपने बेटे को उनके घर भेजा। बेटे ने वहां पहुंचकर घर का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई आवाज नहीं आई। इसके बाद अन्य लोग भी आ गए। किसी तरह दरवाजा खोलकर वे अंदर घुसे। घर में नीचे कोई नहीं था। ऊपर के पोर्शन में 5 गेट और खिड़कियां हैं। बेटा और अन्य लोग ऊपर गए। सभी दरवाजे लॉक थे। आवाज दी, लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला।इसके बाद बेटे ने किचन की खिड़की तोड़ी। अंदर जाकर देखा तो एक कमरे में सभी की लाश मिली। बेटे ने इसकी सूचना सभी को दी।

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