नई दिल्ली। आईफोन 18 सीरीज की लॉन्चिंग के बाद एपल ने अपने कुछ मौजूदा और पुराने आईफोन मॉडल्स की कीमतों में बड़ा बदलाव किया है। आमतौर पर नई आईफोन सीरीज बाजार में आने के बाद पिछली पीढ़ी के मॉडल्स की कीमतों में कटौती देखने को मिलती है, लेकिन इस बार स्थिति इसके उलट नजर आ रही है। कंपनी ने आईफोन 17, आईफोन 17e और आईफोन 16 के कुछ वेरिएंट्स के दाम बढ़ा दिए हैं।
कंपनी के नए लॉन्च इवेंट में आईफोन 18 प्रो, आईफोन 18 प्रो मैक्स और फोल्डेबल आईफोन डुओ पेश किए गए। इसके बाद पुराने मॉडल्स की कीमतों में संशोधन किया गया। भारत समेत कई बाजारों में ग्राहकों को अब कुछ आईफोन मॉडल खरीदने के लिए पहले की तुलना में अधिक कीमत चुकानी होगी।
आईफोन 17 के दाम में ₹22 हजार तक का इजाफा
आईफोन 17 के 256GB मॉडल की कीमत पहले ₹82,900 थी, जिसे बढ़ाकर ₹99,900 कर दिया गया है। यानी इस वेरिएंट की कीमत में ₹17,000 की बढ़ोतरी हुई है।
वहीं 512GB वेरिएंट की कीमत ₹1,02,900 से बढ़कर ₹1,24,900 हो गई है। इस मॉडल की कीमत में सीधे ₹22,000 का इजाफा हुआ है।
आईफोन 17e भी हुआ महंगा
एपल के अपेक्षाकृत किफायती मॉडल आईफोन 17e की कीमतों में भी बदलाव किया गया है। इसके 256GB वेरिएंट की कीमत ₹64,900 से बढ़कर ₹79,900 हो गई है। वहीं 512GB मॉडल की कीमत ₹84,900 से बढ़कर ₹1,04,900 पहुंच गई है।
इस तरह दोनों स्टोरेज वेरिएंट पर ग्राहकों को पहले की तुलना में काफी अधिक भुगतान करना होगा।
आईफोन 16 की कीमत भी बढ़ी
पुराने आईफोन मॉडल्स में आईफोन 16 भी अब महंगा हो गया है। इसके 128GB बेस वेरिएंट की कीमत पहले ₹69,900 थी, जिसे बढ़ाकर ₹89,900 कर दिया गया है। यानी इस मॉडल पर ₹20,000 की बढ़ोतरी हुई है।
नई सीरीज खरीदने के बजाय पिछली पीढ़ी का आईफोन लेने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि पुराने मॉडल की कीमत कम होने की उम्मीद के बजाय अब कुछ मॉडल पहले से महंगे हो गए हैं।
मेमोरी चिप की बढ़ती लागत बनी बड़ी वजह
आईफोन की कीमतों में इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी के पीछे मेमोरी चिप और दूसरे स्मार्टफोन कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत को प्रमुख कारण माना जा रहा है। AI तकनीक के तेजी से विस्तार के चलते डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सेमीकंडक्टर तथा मेमोरी कंपोनेंट्स की मांग बढ़ी है।
मांग बढ़ने के कारण इन कंपोनेंट्स की उपलब्धता और लागत पर दबाव पड़ा है। इसका असर स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों की उत्पादन लागत पर भी पड़ रहा है।
दूसरे स्मार्टफोन ब्रांड्स पर भी पड़ा असर
कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमतों का दबाव केवल एपल तक सीमित नहीं है। इससे पहले कई एंड्रॉइड स्मार्टफोन कंपनियां भी अपने अलग-अलग मॉडल्स की कीमतों में बढ़ोतरी कर चुकी हैं।
ऐसे में आने वाले समय में स्मार्टफोन बाजार में कीमतों को लेकर और बदलाव देखने को मिल सकते हैं। खास तौर पर ज्यादा स्टोरेज वाले मॉडल्स पर बढ़ती मेमोरी चिप लागत का असर अधिक पड़ने की संभावना है।
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