यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की नॉर्वे यात्रा के दौरान सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा सामने आया। मंगलवार को मोल्दोवा के चिशिनाउ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जेलेंस्की के विमान के उड़ान भरने से पहले एक ड्रोन की मौजूदगी की चेतावनी मिली। इसके बाद कुछ समय के लिए एयरस्पेस बंद कर दिया गया और विमान की उड़ान में देरी हुई।
नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे ने बताया कि ड्रोन जेलेंस्की के विमान के काफी करीब पहुंच गया था। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ड्रोन विमान से कितनी दूरी पर था और इसकी जानकारी उन्हें किस माध्यम से मिली।
घटना के बाद मोल्दोवा के अधिकारियों ने एक रूसी ड्रोन के देश में प्रवेश करने और बाद में नष्ट होने की पुष्टि की। बताया गया कि ड्रोन एयरपोर्ट से करीब 160 किलोमीटर दूर जाकर गिरा।
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि ड्रोन को जानबूझकर जेलेंस्की के विमान को निशाना बनाने के लिए भेजा गया था या वह किसी अन्य लक्ष्य की ओर बढ़ रहा था। मोल्दोवा में इस घटना की जांच की जा रही है।
मोल्दोवा के अधिकारियों ने घटना को गंभीरता से लिया है। अमेरिका में मोल्दोवा के राजदूत वलादिस्लाव कुलमिन्स्की ने कहा कि ड्रोन का उस समय देश में प्रवेश करना, जब जेलेंस्की का विमान एयरपोर्ट पर मौजूद था, महज संयोग मानना मुश्किल है। हालांकि उन्होंने भी कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
मोल्दोवा की राष्ट्रपति माइया संदू ने भी ड्रोन के देश में प्रवेश को लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने यूक्रेन की सीमा के पास एक बॉर्डर क्रॉसिंग पर हुए ड्रोन हमले की निंदा की, जिसमें दो लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई थी।
ड्रोन अलर्ट के कारण जेलेंस्की की नॉर्वे यात्रा प्रभावित हुई, लेकिन बाद में मोल्दोवा के अधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद उनका विमान उड़ान भर सका। जेलेंस्की नॉर्वे के किंग हेराल्ड पंचम के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ओस्लो पहुंचे।
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