इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई. इस घटना के बाद शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने कहा, “…ये सभी कायर हैं, जिन्होंने एक ऐसे नेता को शहीद कर दिया जो हमेशा पीड़ितों की मदद करता था. ट्रंप और नेतन्याहू ने खुद अपनी मौत का फरमान लिख दिया है. अल्लाह उन्हें सजा देगा. हमने तीन दिन के शोक की घोषणा की है और लोगों को अपनी दुकानें और व्यवसाय बंद रखने चाहिए, लेकिन हमें किसी पर दबाव नहीं डालना चाहिए. यह मानवता के लिए एक बड़ी क्षति है. हम आज रात 8 बजे मोमबत्ती जुलूस निकालेंगे.”
वहीं, शिया धर्मगुरु मौलाना यासुब अब्बास ने खामेनेई की मौत को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि दुनिया सोचती है कि खामेनेई की हत्या से ईरान का अंत हो जाएगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल को ईरान की ओर से मुंहतोड़ जवाब मिलेगा. आज रात 8:30 बजे लखनऊ के इमामबाड़ा में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. अखिल भारतीय शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने तीन दिन के शोक की घोषणा की है, जिसके दौरान हम सभी काले कपड़े पहनेंगे और अपने घरों पर काले झंडे फहराएंगे.” इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में कश्मीरी शिया मुसलमानों ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन किया. इसके अलावा कश्मीर के पुलवामा में शिया समुदाय के लोगों ने खामेनेई की हत्या पर विरोध रैली निकाली.
गौरतलब है कि बीते शनिवार को इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान पर हमला किया, जिसमें पॉलिटिकल और मिलिट्री लीडर को निशाना बनाया गया. इन्हीं हमलों में खामेनेई के घर को निशाना बनाया गया, जिसमें उनकी मौत हो गई. ईरान की स्टेट मीडिया ने इस बात की पुष्टि की है. वहीं, इस इस हमले में खामेनेई की बेटी, दामाद, पोती और परिवार के अन्य लोगों की भी मौत हुई है. शनिवार को हुए हमले में ईरान के रक्षा मंत्री समेत 40 टॉप अधिकारियों की मौत हुई. ईरान में अबतक सैंकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, ईरान ने भी मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिका के मिलिट्री बेस पर हमला कर रहा है. साथ ही ईरान इजरायल पर भी हमला कर रहा है.
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