पिछले हफ्ते दिल्ली के भारत मंडपम में ‘AI इम्पैक्ट समिट’ चल रही थी. इस बड़े अंतरराष्ट्रीय इवेंट में भारतीय युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने अचानक अपनी शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने ग्वालियर (मध्य प्रदेश) से जितेंद्र यादव नाम के पांचवें आरोपी को गिरफ्तार किया है. इससे पहले चार लोगों को प्रदर्शन वाले दिन ही पकड़ लिया गया था.
कैसे बनाया था ‘सीक्रेट प्लान’?
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने अंदर घुसने के लिए बाकायदा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया और क्यूआर कोड हासिल किया. पहले उनका प्लान था कि वे काली छतरियों पर स्टिकर चिपकाकर अंदर ले जाएंगे, लेकिन उन्हें डर था कि सिक्योरिटी उन्हें गेट पर ही रोक लेगी. इसलिए उन्होंने प्लान बदला और टी-शर्ट्स पर नारे छपवाकर उन्हें अपनी कमीज के नीचे पहन लिया.
शर्ट उतारते ही मचा हड़कंप
जैसे ही ये लोग हॉल नंबर 5 की लॉबी में पहुंचे, इन्होंने अपनी ऊपर की शर्ट उतार दी. पीटीआई के अनुसार, इन टी-शर्ट्स पर ‘PM Is Compromised’, ‘भारत-अमेरिका व्यापार समझौता’ और ‘एप्स्टीन फाइल्स’ जैसे स्लोगन लिखे थे. सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत एक्शन लेते हुए उन्हें वहां से बाहर निकाला.
पुलिस का ‘साजिश’ वाला एंगल
दिल्ली पुलिस इस मामले को सिर्फ एक सामान्य प्रदर्शन नहीं मान रही है. अधिकारियों का कहना है कि इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका है. पुलिस अब इन बातों की जांच कर रही है:
- इन टी-शर्ट्स को छपवाने के लिए पैसा कहां से आया?
- इस पूरे प्लान की फंडिंग किसने की?
- पीटीआई की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने ड्यूटी पर मौजूद पुलिसवालों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट भी की थी.
सियासत भी हुई तेज
इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है. बीजेपी (BJP) ने इसे वैश्विक स्तर पर भारत की इमेज खराब करने वाला काम बताया है. वहीं, युवा कांग्रेस का कहना है कि यह देश के हितों के लिए किया गया एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन था. पुलिस ने इस मामले में युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब से भी पूछताछ की है और पकड़े गए आरोपियों से मिले सुरागों के आधार पर कुछ और नामों की तलाश जारी है.
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