तेहरान/वॉशिंगटन। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर पश्चिमी देशों की रणनीति पर भी दिखाई देने लगा है। संभावित ईरानी हमलों के खतरे को देखते हुए अमेरिका ने ब्रिटेन से अपने 12 बमवर्षक विमानों को हटाने का फैसला किया है। वहीं, क्षेत्र में तैनात कुछ अमेरिकी सैनिकों को सुरक्षा कारणों से होटलों में ठहराने की स्थिति बनी हुई है।
ईरान की ओर से संभावित हमलों की आशंका के बीच अमेरिकी सैन्य गतिविधियों और ठिकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी वजह से अमेरिकी सेना अपने संसाधनों और जवानों की तैनाती की समीक्षा कर रही है।
ब्रिटेन से हटाए गए 12 बमवर्षक
रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन में तैनात अमेरिकी बमवर्षक विमानों को वहां से हटाया गया है। इन विमानों की मौजूदगी ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका की सैन्य रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही थी।
अमेरिका के इस कदम को संभावित हमले के जोखिम को कम करने और संवेदनशील सैन्य संसाधनों को सुरक्षित रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा भी बनी चुनौती
ईरान से संभावित हमलों की आशंका के कारण क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बढ़ाई गई है। कुछ अमेरिकी सैनिकों को सैन्य ठिकानों के बजाय होटलों में रहने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव की आशंका लगातार बनी हुई है। दोनों देशों की गतिविधियों पर दुनिया की नजर है और किसी भी नए हमले से स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
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