Breaking News

कानपुर में 90 फीट ऊंचे रावण का दहन, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा परेड मैदान

कानपुर। विजयादशमी के अवसर पर कानपुर में दशहरा उत्सव धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। मंगलवार, 20 अक्टूबर को परेड रामलीला मैदान में 90 फीट ऊंचे रावण के विशाल पुतले का दहन किया गया। इस भव्य आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मैदान में भगवान श्रीराम के जयकारों के बीच बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।

रावण के वध का हुआ भव्य मंचन

परेड रामलीला मैदान में भगवान श्रीराम और रावण के बीच युद्ध का मंचन किया गया। युद्ध में रावण की पराजय के बाद उसके पुतले का दहन हुआ। रामलीला के दौरान रावण के पुतले को विशेष तकनीक से तैयार किया गया था। उसकी आंखों से अंगारे निकलते थे, मुंह से आग निकलती थी और सिर चारों ओर घूमता था। इन विशेषताओं ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

आतिशबाजी से जगमगाया आसमान

रावण दहन से पहले रात करीब 9:35 बजे आतिशबाजी शुरू हुई, जो लगभग आधे घंटे तक चली। रंग-बिरंगी आतिशबाजी और भक्ति गीतों से पूरा माहौल उत्सवमय हो गया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में दशहरा उत्सव को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया।

150 साल पुरानी रामलीला की परंपरा

परेड रामलीला मैदान में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम कानपुर की पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में शामिल है। आयोजन के 150 वर्ष पूरे होने पर सांसद रमेश अवस्थी ने इसे शहर के लिए गौरव की बात बताया। उन्होंने कहा कि रामायण हमें परिवार, कर्तव्य और जीवन में नैतिक मूल्यों का पालन करने की प्रेरणा देती है।

इस विशाल रावण के पुतले को जयपुर के सलीम खान ने तैयार किया। वह पिछले 24 वर्षों से परेड मैदान के लिए रावण का पुतला बना रहे हैं। पुतले को तैयार करने के लिए वह करीब दो महीने पहले ही कानपुर पहुंच जाते हैं।

शहर के कई इलाकों में हुआ रावण दहन

कानपुर के अन्य इलाकों में भी दशहरा मेले और रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। चकेरी के नरेंद्र ग्राउंड में 55 फीट और जाजमऊ की जेके कॉलोनी के सेंटर ग्राउंड में 56 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। गोविंद नगर, शास्त्री नगर, अरमापुर, लालबंगला और घाटमपुर क्षेत्र में भी रामलीला तथा दशहरा उत्सव की धूम रही।

सुरक्षा के लिए तैनात रहा भारी पुलिस बल

दशहरा आयोजनों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की। परेड मैदान समेत प्रमुख आयोजन स्थलों पर करीब 6 हजार पुलिसकर्मियों, पीएसी की तीन कंपनियों और 700 यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन और वीडियो रिकॉर्डिंग टीमों की भी व्यवस्था की गई।

कानपुर में दशहरा पर्व श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। रावण दहन के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया कि अहंकार, अन्याय और अधर्म का अंत निश्चित है तथा सत्य और धर्म की हमेशा विजय होती है।

About NW-Editor

Check Also

कानपुर में होमगार्ड भर्ती के मेडिकल टेस्ट पर उठे सवाल, रिश्वत मांगने के आरोप में दो डॉक्टरों समेत 3 हिरासत में

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में होमगार्ड भर्ती के मेडिकल परीक्षण के दौरान कथित वसूली …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *