फतेहपुर। नवरात्रि के दौरान ऑनलाइन मांस की डिलीवरी को लेकर शहर में विवाद खड़ा हो गया। रविवार को हिंदू संगठन के नेता धर्मेंद्र सिंह जनसेवक अपने कार्यकर्ताओं के साथ ब्लिंकिट कार्यालय पहुंचे और हैप्पी नवरात्रि के पार्सल में मांस की डिलीवरी किए जाने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। संबंधित पार्सल को लेकर प्रतिष्ठान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू की गई।
हिंदू संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि नवरात्रि के दौरान ऑनलाइन माध्यम से लगातार मांस की आपूर्ति की जा रही थी। उन्होंने खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लगाई जा रही है।
संगठन के नेताओं का आरोप है कि विदेशी कंपनियां सनातन धर्म के अनुयायियों की आस्था से जुड़े विषयों के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखा रही हैं। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर संगठन को विरोध के लिए सामने आना पड़ता है।
इससे पहले भी धर्मेंद्र सिंह जनसेवक ने वीआईपी रोड स्थित डोमिनोज में मांस की आपूर्ति को लेकर विरोध जताया था। अब ब्लिंकिट से जुड़ा मामला सामने आने के बाद नवरात्रि के दौरान ऑनलाइन खाद्य सामग्री की बिक्री और आपूर्ति को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है।
इनसेट: डिलीवरी कर्मचारियों के रोजगार का सवाल भी अहम
विवाद के बीच ऑनलाइन डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों की आजीविका का सवाल भी महत्वपूर्ण है। डिलीवरी कंपनियों में बड़ी संख्या में कर्मचारी काम करते हैं, जो दिनभर मेहनत करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐसे में कंपनी की कथित लापरवाही या किसी विवाद का असर उनकी रोजी-रोटी पर भी पड़ सकता है।
इसलिए मामले की जांच के दौरान कंपनी की जिम्मेदारी, खाद्य सामग्री की ऑनलाइन बिक्री से जुड़े नियमों और डिलीवरी व्यवस्था की भूमिका को अलग-अलग देखना जरूरी है। बिना प्रमाण किसी कर्मचारी या समुदाय विशेष को जिम्मेदार ठहराने के बजाय तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
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