अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने को लेकर अगले 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर के मुताबिक, रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर संभावित प्रतिबंधों और भारत को छूट देने के मामले में अंतिम निर्णय ट्रम्प ही करेंगे। इस मुद्दे पर भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को लेकर भी चर्चा जारी है।
रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर प्रतिबंध की तैयारी
अमेरिका में रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने को लेकर कानून लाया गया है। इसके तहत संबंधित देशों पर प्रतिबंध लगाने के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, किस देश पर और किस प्रकार की कार्रवाई होगी, यह अमेरिकी प्रशासन के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।
सर्जियो गोर ने कहा कि प्रतिबंधों के लिए तीन प्रमुख श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में सहायता करना शामिल है। उन्होंने संकेत दिया कि भारत भी उन देशों में शामिल है, जिनकी गतिविधियों का आकलन किया जा रहा है।
अमेरिका में डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच रूस से आपूर्ति की चर्चा
अमेरिका में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर चिंता बनी हुई है। खबर में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, डीजल की कीमत लगभग 3.70 डॉलर प्रति गैलन से बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बन रही हैं।
इसी बीच रूस से डीजल की आपूर्ति को लेकर भी चर्चा सामने आई है। इससे ऊर्जा बाजार और रूस के साथ अमेरिकी व्यापार नीति को लेकर नए सवाल उठ रहे हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत जारी
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर भी बातचीत आगे बढ़ रही है। अमेरिकी दूत के अनुसार, दोनों देशों के बीच कई बड़े मुद्दों पर प्रगति हुई है, जबकि कुछ विषयों पर सहमति बनना बाकी है।
अमेरिका भारत के साथ रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का इच्छुक है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में भी दोनों देशों की कंपनियों के बीच साझेदारी की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
यदि अमेरिका भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का निर्णय लेता है, तो इससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और भारतीय निर्यात पर असर पड़ सकता है। वहीं, यदि भारत को छूट मिलती है, तो व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल भारत पर टैरिफ लगाने को लेकर अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। आने वाले दिनों में अमेरिकी प्रशासन का रुख स्पष्ट होने के बाद ही यह तय होगा कि भारत को संभावित प्रतिबंधों से राहत मिलती है या नहीं।
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