छतरपुर: मध्य प्रदेश में छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक के पेट से प्लास्टिक की बोतल को सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया है. जानकारी के अनुसार, चार दिन पहले युवक के मलाशय के रास्ते एक प्लास्टिक की बोतल उसके पेट में पहुंच गई थी, जिसके बाद उसे गंभीर समस्या होने लगी. युवक ने बताया कि वह मलाशय के कीड़ों को खत्म करने के लिए कोई दवा लगा रहा था, उसी दौरान यह बोतल उसके शरीर में चली गई. जब उसकी हालत बिगड़ने लगी, तो वह छतरपुर जिला अस्पताल पहुंचा.
जिला अस्पताल के चार डॉक्टरों की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक का ऑपरेशन किया. डॉ. मनोज चौधरी के नेतृत्व में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की टीम ने बिना किसी बड़े चीरफाड़ के सफलतापूर्वक बोतल को बाहर निकाल दिया. फिलहाल, युवक की हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है. लापरवाही की जाती तो हालत बिगड़ सकती थी और स्थिति चिंताजनक हो सकती है.
जिला अस्पताल के डॉक्टर मनोज चौधरी ने कहा कि यह पहला मौका नहीं है, जब छतरपुर जिला अस्पताल में ऐसा कोई मामला सामने आया हो. इससे पहले भी डॉक्टर्स की टीम एक लौकी और दो प्लास्टिक की बोतलें मरीजों के पेट से निकाल चुकी है, जो उनके अदम्य साहस और अनुभव का प्रमाण है. वहीं डॉक्टरों ने कहा कि युवक की हालत सही है, चिंता की कोई बात नहीं है. युवक के परिजनों ने डॉक्टरों का आभार व्यक्त किया.
जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि समय रहते युवक को अस्पताल लाया गया, जिससे एक बड़ी परेशानी से बचाया जा सका. वहीं अगर इस मामले में लापरवाही की जाती तो शायद परेशानियां बढ़ जाती और स्थिति जटिल हो सकती थी. हमारी टीम ने सफलता पूर्वक युवक के पेट से प्लास्टिक की बोतल को निकालने का काम किया है. युवक खतरे से बाहर है.