फतेहपुर। गाजीपुर क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में रामसनेही के आवास पर पासी जन जागृति संघ की बैठक मुकेश कुमार के नेतृत्व में आयोजित की गई। इसमें शिक्षा, बेरोजगारी, व्यवसाय, नशामुक्ति, सामाजिक स्थिति में सुधार, महापुरुषों के विचारों और संवैधानिक अधिकारों सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक में एडवोकेट धीरेन्द्र बहादुर ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज की तरक्की के लिए बच्चों को शिक्षित करना बेहद जरूरी है। आर्थिक परिस्थितियां कैसी भी हों, बच्चों की पढ़ाई से समझौता नहीं करना चाहिए।
भीम आर्मी के पूर्व जिला संयोजक शिवकुमार ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, मान्यवर कांशीराम, ज्योतिबा राव फुले, महाराजा लाखन पासी, वीरांगना ऊदा देवी पासी और झलकारी बाई कोरी के संघर्षों एवं विचारों पर प्रकाश डाला।
कानपुर से आए जगत पाल पासी ने कहा कि पासी समाज के लोग मेहनती और कर्मठ हैं, लेकिन समाज की तरक्की में उनके योगदान को अपेक्षित पहचान नहीं मिल पाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विकास का सबसे बड़ा हथियार है। युवाओं को शिक्षित करने के साथ-साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना भी आवश्यक है।
उन्होंने सामाजिक एकता मजबूत करने, कुरीतियों और नशे से दूर रहने तथा महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करने पर जोर दिया।
बैठक में ग्रामीणों ने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने, युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने और समाज में एकता बनाए रखने का संकल्प लिया। इस मौके पर भैयालाल, रमाकांत पासी, पुष्पेंद्र, विमलेश, सर्वेंद्र पासी, राजू, अखिलेश सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

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