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जिंदा हूं साहब, मुझे कागजों में मार दिया!

– तहसील में फर्जीवाड़े का खुलासा, लेखपाल-कर्मचारियों की मिलीभगत के आरोप
– सत्तर वर्षीय बुजुर्ग।
खागा, फतेहपुर। तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस उस समय भावुक और सनसनीखेज मोड़ पर पहुंच गया, जब एक सत्तर वर्षीय बुजुर्ग डंडे के सहारे जिलाधिकारी के सामने पहुंचा और कांपती आवाज में बोला साहब, मैं जिंदा हूं। यह सुनते ही वहां मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और फरियादी स्तब्ध रह गए। कुछ पल के लिए पूरा सभागार शांत हो गया। मामला खागा तहसील क्षेत्र के वालीपुर एकडला गांव का है। गांव निवासी वृद्ध ने जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि तहसील के अभिलेखों में उसे मृत घोषित कर दिया गया है। इतना ही नहीं, उसकी करीब एक बीघा दो बिस्वा जमीन को दूसरे व्यक्ति के नाम वरासत भी कर दिया गया। वृद्ध ने बताया कि उसे इस पूरे फर्जीवाड़े की जानकारी तब हुई, जब वह अपनी जमीन संबंधी काम से तहसील पहुंचा। वहां उसे पता चला कि सरकारी कागजों में उसकी मौत दर्ज हो चुकी है और उसकी जमीन किसी दूसरे के नाम चढ़ा दी गई है। यह सुनते ही उसके होश उड़ गए। पीड़ित का आरोप है कि लेखपाल और तहसील के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से यह पूरा खेल किया गया। जमीन हड़पने के इरादे से उसे सरकारी रिकॉर्ड में मृत दिखा दिया गया। इसके बाद चुपचाप जमीन की वरासत भी दूसरे व्यक्ति के नाम कर दी गई। अपने ही जिंदा होने का प्रमाण देने के लिए बुजुर्ग कई दिनों तक अधिकारियों और तहसील के चक्कर काटता रहा, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में वह अपनी फरियाद लेकर जिलाधिकारी के सामने पहुंच गया। जैसे ही वृद्ध ने डीएम के सामने कहा साहब, मैं जिंदा हूं, मुझे कागजों में मार दिया गया है, वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही वृद्ध को न्याय दिलाने का भरोसा भी दिलाया।

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