अवैध बायोडीजल का खेल: नायरा कंपनी का नाम इस्तेमाल, फर्जी बिलों पर पंप संचालकों पर होगी कड़ी कार्यवाही

 

फर्रुखाबाद के रोशनाबाद और खुटिया क्षेत्र में चल रहे अवैध बायोडीजल बिक्री के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। रोशनाबाद स्थित सियाराम बायोडीजल फिलिंग स्टेशन और खुटिया स्थित बायो फीलिंग स्टेशन के संचालक पवन कटियार और पंकज कटियार अब प्रतिष्ठित नायरा एनर्जी लिमिटेड की रडार पर भी आ गए हैं। दोनों पर आरोप है कि इन्होंने किसानों को डीजल बेचते समय नायरा कंपनी के फर्जी बिल दिखाए, जिससे न केवल किसानों के साथ धोखाधड़ी की गई, बल्कि नायरा जैसी देशभर में ख्यातिप्राप्त कंपनी की छवि को भी नुकसान पहुंचाया गया।

थाना शमशाबाद पुलिस ने जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) के कार्यालय की तहरीर पर पंप संचालक पवन कटियार के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन ने जल्द से जल्द कठोर कार्रवाई के संकेत दिए हैं। इस पूरे प्रकरण में जिलाधिकारी के निर्देश पर खुटिया स्थित अवैध बायोडीजल स्टेशन पर कार्रवाई के निर्देश भी जिला पूर्ति अधिकारी को दे दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया है कि किसी भी सूरत में अवैध रूप से ईंधन बिक्री करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। भारत में बायोडीजल की बिक्री के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) से मान्यता प्राप्त होना आवश्यक है।

इसके अतिरिक्त पर्यावरणीय मानकों, BIS सर्टिफिकेशन (IS 15607) और राज्य सरकार की मंजूरी जरूरी है। अवैध रूप से बायोडीजल बेचना आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 7/10 ECA Act के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। नायरा कंपनी की ओर से भी मामले की जांच शुरू कर दी गई है और संभव है कि वह अपने ब्रांड के दुरुपयोग को लेकर कानूनी कार्रवाई करे।  किसान और आम नागरिक केवल वैध पेट्रोलियम कंपनियों से ही ईंधन खरीदें और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।

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