गोरखपुर। सूरजकुंड फ्लाईओवर के नीचे रुपये के लेन-देन को लेकर हुए विवाद के बाद रेलवे ट्रैक की ओर भागे दो युवक शनिवार शाम ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में 18 वर्षीय गोलू के बाएं पैर का पंजा कट गया, जबकि अयाश के सिर और सीने में गंभीर चोटें आई हैं। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फ्लाईओवर के नीचे पीपल के पेड़ के पास नदीम, शमशाद अंसारी, अकबर, अयाश और गोलू के बीच रुपये के लेन-देन को लेकर कहासुनी हो गई थी। विवाद बढ़ने पर अयाश और गोलू रेलवे लाइन की ओर भागने लगे। शाम करीब छह बजे दोनों ट्रैक पर पहुंचे, तभी सामने से ट्रेन आ गई।
ट्रेन की चपेट में आने से अयाश उछलकर दूर जा गिरा, जबकि गोलू पटरी के बीच गिर गया। ट्रेन के पहिए की चपेट में आने से उसका बायां पंजा कट गया। इस दौरान घायल अयाश ने सूझबूझ दिखाते हुए गोलू से ट्रेन गुजरने तक पटरी के बीच पड़े रहने के लिए कहा। इसी वजह से गोलू की जान बच गई।
हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर जीआरपी और तिवारीपुर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
जीआरपी इंस्पेक्टर अनुज कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पांच युवकों के नशे में होने और रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद की बात सामने आई है। मामले में तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हिरासत में लिए गए एक युवक के चेहरे पर भी चोट के निशान मिले हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की। जांच अधिकारियों ने बताया कि विवाद की असली वजह और युवकों के बीच हुए लेन-देन की रकम का पता लगाया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि विवाद के दौरान किसी युवक ने दोनों को रेलवे ट्रैक की ओर जाने के लिए मजबूर तो नहीं किया।
घटना के बाद रेलवे अधिकारियों ने ट्रैक पर कुछ देर के लिए सतर्कता बढ़ा दी। मौके पर पहुंचे कर्मचारियों ने ट्रैक का निरीक्षण किया और ट्रेन संचालन से जुड़ी जानकारी जुटाई। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालने की बात कही है, ताकि विवाद से पहले और हादसे के समय की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके।
घायलों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। गोलू की हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर करने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, अयाश का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस का कहना है कि परिजनों की तहरीर और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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