जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) में ग्रैंडमास्टर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते यूज पर कहा- मैं एआई से जवाब नहीं खोजता हूं। AI आपको आसानी से जवाब दे सकता है, लेकिन किसी भी समझने वाले के जवाब का लॉजिक क्या है, यह जानना जरूरी है। लाइटनिंग किड सेशन में विश्वनाथन आनंद ने चेस से लेकर अपने एटीट्यूड और गुस्से पर भी बात की। सेशन ‘टू चीयर्स फॉर डेमोक्रेसी’ में अमेरिका में लोकतंत्र के मौजूदा हालात पर बात हुई।
इसमें ‘वाट वुमन वांट: अंडरस्टैंडिंग द फीमेल वोटर इन मॉडर्न इंडिया’ की राइटर रूही तिवारी ने कहा- अमेरिका के विषय में हमेशा यह बात की जाती है कि इतने साल बाद भी वहां कोई महिला राष्ट्रपति नहीं बनी। लेकिन डोनाल्ड ट्रम्प लोकतंत्र के लिए जेंडर के सवाल से भी कहीं ज्यादा खतरनाक हैं। इससे पहले JLF में दूसरे दिन की शुरुआत मॉर्निंग म्यूजिक में भंवरी देवी की परफॉर्मेंस से हुई। वहीं, फ्रंट लॉन में आयोजित ‘असेंबलिंग इंडियाज कॉन्स्टिट्यूशन’ में कांग्रेस सांसद और राइटर शशि थरूर नहीं पहुंचे। उनका नाम स्पीकर्स की लिस्ट में था।

ग्रैंडमास्टर ने बच्चों से कहा- प्रैक्टिस बहुत जरूरी : आज चारबाग में हुए पहले सेशन में ग्रैंडमास्टर ने बच्चों के साथ अपने एक्सपीरियंस शेयर किए। उन्होंने कहा- प्रैक्टिस करते रहना बेहद जरूरी है। मैं भी बहुत गेम हारा हूं। जब मैं तीन गेम हार गया था। तब मैंने हार में ध्यान नहीं दिया, सिर्फ प्रैक्टिस को प्रायोरिटी दी। उन्होंने अपनी खिलाड़ी बनने की जर्नी भी शेयर की। आनंद ने बताया कि पेरेंट्स का रोल भी करियर को शेप करने में बहुत बड़ा होता है। उनके जीवन में चेस उनकी मां के कारण आया। वे ही उन्हें लेकर हर टूर्नामेंट में जाती थीं। आनंद ने चारबाग के सेशन में एआई की बढ़ती इंपॉर्टेंस पर भी बात की। उन्होंने कहा कि वे एआई से हर जवाब नहीं खोजते हैं। एआई के जवाब समझने में ही थकान होने लगती है।
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