नई दिल्ली। एक्टर रणवीर सिंह फिल्म कांतारा 2 में दैव सीन की मिमिक्री करने के बाद विवादों में घिर गए थे। इस मामले में रणवीर सिंह को अभी राहत मिली है। कोर्ट ने उनको फटकार लगाते हुए कहा है कि एक पॉपुलर अभिनेता होने के नाते उनको अपनी बात और व्यवहार को लेकर जिम्मेदार रहना चाहिए। साथ ही सोच समझ के बोलना चाहिए। जस्टिस एम नागप्रसन्ना की बेंच ने रणवीर सिंह के खिलाफ किसी भी तरह की जबरदस्ती कार्रवाई पर अगली सुनवाई 2 मार्च तक रोक लगा दी है।
जज ने रणवीर सिंह को लेकर क्या बोला?: जज ने सुनवाई के समय कहा है कि अभिनेता को किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं है। चाहे आप बड़े स्टार हों या कोई और, सार्वजनिक जिम्मेदारी सब पर समान रूप से लागू होती है। उन्होंने रणवीर को लापरवाह बताया है और कहा है कि इंटरनेट पर कही हुई बात कभी मिटती नहीं है। शब्द वापस लिए जा सकते हैं, लेकिन डिजिटल दुनिया में डाला गया कंटेंट हमेशा मौजूद रहता है। इसलिए पब्लिक मंच पर बोलते समय सोच-समझकर बोलना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा है कि ये काम जानबूझकर हुआ है या नहीं ये हम अगली सुनवाई में तय करेंगे।
वकील पूवैय्या ने दी दलील: बता दें, रणवीर सिंह की तरफ से वकील साजन पूवैय्या ने दलील दी है कि अभिनेता का इरादा किसी की भी भावनाएं आहत करने का नहीं था। लापरवाही और जानबूझकर अपराध करने में बहुत ही ज्यादा फर्क होता है। ये मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की उन धाराओं के तहत दर्ज किया गया है, जो धार्मिक भावनाएं आहत करने और नफरत फैलाने से जुड़ी हैं।
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