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सामाजिक भेदभाव जाति प्रथा के खिलाफ थे गोविंदराव फुले

– सपाईयों ने जयंती मना गोष्ठी में उनके जीवन पर डाला प्रकाश
– महात्मा गोविंदराव फुले जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करते सपाई।
फतेहपुर। समाजवादी पार्टी कार्यालय में प्रख्यात समाज सुधारक, लेखक महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले की जयंती मनाई गई। चित्र पर पुष्प अर्पित करने के पश्चात फुले जी के जीवन पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि फुले जी सामाजिक भेदभाव व जाति प्रथा के खिलाफ थे। शिक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा की, अपनी पत्नी सावित्री बाई फुले के साथ मिल कर 1848 में लड़कियों के लिए पहला स्कूल बनाया, सावित्री बाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका रहीं। उनका उद्देश्य जाति भेदभाव खत्म कर समाज में समानता लाना था। फुले जी कुरीतियों के खिलाफ रहे। बाल विवाह, सती प्रथा और छुआछूत का सदैव विरोध किया। विधवा विवाह का सदैव समर्थन किया और अनाथ बच्चों के लिए आश्रय खोलने जैसे महान कार्य किए। आज आवश्यकता है कि हम पीडीए की सरकार बनाकर ज्योतिबा फुले के सपनों को साकार करें। संचालन का कार्य जिला महासचिव चौधरी मंज़र यार ने किया। कार्यक्रम में रामतीरथ परमहंस, संतोष यादव, शमीम अहमद, परवेज़ आलम, डा रामनरेश पटेल, इंदल सिंह, हीरालाल साहू, सुहैल खान, नरेंद्र प्रजापति, संगीता राज पासवान, डॉ अमित पाल, एड संदीप माली, आशीष नामदेव, राजबाबू यादव, इंद्रसेन, सत्य प्रकाश यादव, नीरज यादव, जय प्रकाश, चंदन सिंह, शैलेन्द्र मिश्रा, धीरेन्द्र कुमार, रामखेलावन वर्मा, दीपशा, प्रवीण कुमार आदि मौजूद रहे।

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