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फ्रांस में विनाशकारी टॉरनेडो का कहर: 117 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ीं छतें, 41 घायल; 300 घरों को भारी नुकसान

पेरिस। फ्रांस में सोमवार देर रात तेज रफ्तार टॉरनेडो ने भारी तबाही मचा दी। करीब 117 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आए इस बवंडर की चपेट में आने से 41 लोग घायल हो गए, जबकि सैकड़ों घरों को नुकसान पहुंचा। कई मकानों की छतें उड़ गईं और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टॉरनेडो का सबसे ज्यादा असर करीब 1,000 की आबादी वाले पोमास गांव में देखने को मिला। अधिकारियों के मुताबिक, यहां लगभग 300 घर क्षतिग्रस्त हो गए। तेज हवाओं के कारण कई मकानों की छतें पूरी तरह उड़ गईं, जबकि कुछ इमारतों को गंभीर नुकसान पहुंचा।

तूफान के बाद कई इलाकों में बड़े आकार के ओले भी गिरे। बताया गया कि कुछ जगहों पर ओलों का आकार करीब 5 सेंटीमीटर तक पहुंच गया। खराब मौसम और तेज तूफान के कारण हजारों लोग बिजली संकट से भी प्रभावित हुए और करीब 2,800 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।

 

ट्रेन, सड़क और हवाई सेवाएं भी प्रभावित

तेज टॉरनेडो और खराब मौसम का असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा। कई ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई और यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ा। कुछ सड़कों को सुरक्षा के मद्देनजर बंद करना पड़ा।

हवाई सेवाओं पर भी तूफान का असर देखने को मिला। राजधानी पेरिस के एयरपोर्ट समेत कई स्थानों पर उड़ानों में देरी हुई और कुछ फ्लाइट्स को रद्द करना पड़ा।

स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में 120 से अधिक बचावकर्मियों को तैनात किया गया। घायलों में से करीब 15 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में एक गर्भवती महिला भी शामिल बताई जा रही है, जो घर के क्षतिग्रस्त होने के दौरान घायल हुई।

फ्रांस में हर साल औसतन 40 से 50 टॉरनेडो दर्ज किए जाते हैं। हालांकि इनमें से अधिकांश कमजोर होते हैं और कम आबादी वाले इलाकों तक सीमित रहते हैं। इस बार रिहायशी क्षेत्रों में आए तेज टॉरनेडो ने व्यापक नुकसान पहुंचाया और सामान्य जनजीवन के साथ परिवहन व्यवस्था को भी प्रभावित कर दिया।

राहत शिविरों में पहुंचाए गए प्रभावित परिवार

प्रशासन ने सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में अस्थायी राहत शिविर बनाए हैं। जिन घरों में रहना सुरक्षित नहीं है, वहां रहने वाले परिवारों को स्कूलों और सामुदायिक भवनों में ठहराया गया है। स्थानीय अधिकारियों ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने और बिजली के टूटे तारों के पास न जाने की अपील की है।

बचाव दल मलबा हटाने और सड़कों को दोबारा खोलने में जुटे हैं। कई इलाकों में पेड़ गिरने से रास्ते बंद हो गए थे, जिन्हें हटाने का काम जारी है। बिजली कंपनियों की टीमें भी प्रभावित गांवों में आपूर्ति बहाल करने के लिए काम कर रही हैं।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

फ्रांस के मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए कई क्षेत्रों में तेज हवाओं, भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, घरों की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखने तथा वाहनों को खुले स्थानों पर खड़ा न करने की सलाह दी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, गर्म और ठंडी हवाओं के टकराव के कारण इस तरह के शक्तिशाली तूफान बन सकते हैं। मौसम विभाग ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त चेतावनी जारी की जाएगी।

नुकसान का आकलन जारी

प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का विस्तृत आकलन शुरू कर दिया है। शुरुआती रिपोर्ट में मकानों के अलावा दुकानों, खेतों और वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। बीमा कंपनियों ने प्रभावित लोगों से नुकसान की तस्वीरें और दस्तावेज सुरक्षित रखने को कहा है।

सरकार ने प्रभावित परिवारों को आपात आर्थिक सहायता देने का भरोसा दिलाया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता घायलों के इलाज, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और बिजली-पानी जैसी जरूरी सेवाओं को बहाल करने की है।

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