उपशीर्षक: चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद परिवार को राजनीतिक जिम्मेदारी, रेजीनगर से शाश्वर सरकार उम्मीदवार; नंदीग्राम में TMC के दो धड़े भी आमने-सामने
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। भाजपा ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ और रेजीनगर से शाश्वर सरकार को मैदान में उतारा है। नंदीग्राम से हसीरानी रथ की उम्मीदवारी को राजनीतिक और भावनात्मक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हसीरानी रथ, भाजपा नेता और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पूर्व पीए चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ की 6 मई की देर रात मध्यमग्राम के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमले में गंभीर रूप से घायल चंद्रनाथ को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के महज दो दिन बाद हुई इस हत्या ने उस समय राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा पैदा की थी।
नंदीग्राम में मुकाबला हुआ दिलचस्प
नंदीग्राम उपचुनाव में भाजपा के अलावा तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों ने भी अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने मोहम्मद एतेशामुल हक को उम्मीदवार बनाया है, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने संचिता प्रधान डे को टिकट दिया है।
दोनों गुट खुद को असली TMC बताते हुए पार्टी के चुनाव चिह्न पर दावा कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से अतिरिक्त दस्तावेज मांगे हैं और 16 सितंबर तक जवाब देने को कहा है। यदि समय रहते विवाद का समाधान नहीं होता है तो चुनाव चिह्न को लेकर आयोग अलग फैसला ले सकता है।
कांग्रेस ने नंदीग्राम से मिलन प्रधान को प्रत्याशी बनाया है, जबकि CPI ने शांति गोपाल गिरी को मैदान में उतारा है। ऐसे में नंदीग्राम का उपचुनाव बहुकोणीय मुकाबले में बदल गया है।
शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे से खाली हुई सीट
नंदीग्राम का राजनीतिक इतिहास पश्चिम बंगाल की सत्ता की राजनीति से गहराई से जुड़ा रहा है। वर्ष 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने इस क्षेत्र को राज्य की राजनीति का बड़ा केंद्र बना दिया था।
2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से चुनाव लड़ा था, जहां उनका मुकाबला शुभेंदु अधिकारी से हुआ था। शुभेंदु अधिकारी ने यह चुनाव जीतकर राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत स्थिति बनाई थी।
2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ा और दोनों सीटों पर जीत हासिल की। बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया। इसी कारण नंदीग्राम में उपचुनाव की स्थिति बनी है।
कई राज्यों में खाली हुई विधानसभा और लोकसभा सीटें
नंदीग्राम और रेजीनगर के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी खाली हुई सीटों पर उपचुनाव होना है। तमिलनाडु की मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटें विधायकों के इस्तीफे के बाद खाली हुई हैं। पुडुचेरी की थट्टानचावड़ी सीट भी रिक्त है।
इसके अलावा असम की नगांव लोकसभा सीट पर भी उपचुनाव होना है। इस तरह अलग-अलग राज्यों की कई सीटों पर होने वाले उपचुनावों में राजनीतिक दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
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