अमेरिकी-कनाडाई मशहूर गायक नील यंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की राजनीतिक टीम के खिलाफ बिना अनुमति उनके गाने का इस्तेमाल करने के आरोप में मुकदमा दायर किया है। यंग ने इस मामले में 10 मिलियन डॉलर यानी करीब 95 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। विवाद 12 अक्टूबर को ओहायो के यंग्सटाउन में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान उनके लोकप्रिय गीत ‘रॉकिन इन द फ्री वर्ल्ड’ को बजाने से जुड़ा है।
चुनावी रैली में गाना बजाने पर विवाद
मुकदमे के अनुसार, ट्रम्प की राजनीतिक कार्रवाई समिति ट्रम्प 47 कमेटी इंक. ने चुनावी रैली में ट्रम्प के मंच पर पहुंचने के दौरान नील यंग का गाना बजाया था। यंग का आरोप है कि उनकी अनुमति के बिना गाने का इस्तेमाल किया गया, जबकि इसके लिए आवश्यक लाइसेंस लिया जाना चाहिए था।
गायक का कहना है कि उन्होंने न तो इस गाने के इस्तेमाल की अनुमति दी और न ही ऐसा लाइसेंस देने की इच्छा जताई। इसी आधार पर उन्होंने अदालत में हर्जाने की मांग की है।
पहले भी हो चुका है कानूनी विवाद
नील यंग इससे पहले वर्ष 2020 में भी डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ इसी गाने के कथित अनधिकृत इस्तेमाल को लेकर कानूनी कार्रवाई कर चुके हैं। उस समय मामला समझौते के जरिए सुलझा लिया गया था।
नए मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि इसके बावजूद गाने का दोबारा इस्तेमाल किया गया, जो पहले हुए समझौते की शर्तों का उल्लंघन हो सकता है। अब इस मामले में अदालत की कार्यवाही के दौरान आरोपों और संबंधित कानूनी दावों पर विचार किया जाएगा।
गाने के संदेश को लेकर भी उठाया सवाल
नील यंग के मुकदमे में उनके वर्ष 1989 में जारी गीत ‘रॉकिन इन द फ्री वर्ल्ड’ के सामाजिक और राजनीतिक संदेश का भी उल्लेख किया गया है। यंग के अनुसार, यह गीत अमेरिकी समाज में किए जाने वाले राजनीतिक वादों और गरीब, बेघर तथा उपेक्षित लोगों की वास्तविक परिस्थितियों के बीच के अंतर को उजागर करता है।
मुकदमे में यह तर्क भी दिया गया कि गीत का संदेश ट्रम्प की राजनीतिक छवि और विचारों के विपरीत है। यंग का आरोप है कि उनकी असहमति के बावजूद चुनावी कार्यक्रम में इस गाने का इस्तेमाल किया गया।
छह दशक से अधिक लंबा है संगीत का सफर
नील यंग ने 1960 के दशक में अपने संगीत करियर की शुरुआत की थी। लोक संगीत, रॉक और कंट्री म्यूजिक में अपनी अलग पहचान बनाने वाले यंग ने अपने गीतों में सामाजिक असमानता, युद्ध और राजनीति जैसे मुद्दों को भी जगह दी है।
उन्होंने बफेलो स्प्रिंगफील्ड और क्रॉस्बी, स्टिल्स, नैश एंड यंग जैसे प्रसिद्ध संगीत समूहों के साथ काम किया। उनके चर्चित एल्बमों में ‘एवरीबडी नोज दिस इज नोवेयर’, ‘आफ्टर द गोल्ड रश’ और ‘हार्वेस्ट’ शामिल हैं।
उनका गीत ‘ओहायो’ वर्ष 1970 में केंट स्टेट यूनिवर्सिटी में हुई गोलीबारी की घटना के बाद लिखा गया था। संगीत जगत में उनके योगदान के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले और रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में भी शामिल किया गया।
मामले का महत्व: यह विवाद एक बार फिर चुनावी अभियानों में संगीत के इस्तेमाल, कलाकारों की अनुमति और कॉपीराइट अधिकारों से जुड़े सवालों को सामने लाता है। मुकदमे में मांगे गए हर्जाने और समझौते के कथित उल्लंघन पर आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
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