नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीकी ढांचे पर बढ़ते निवेश के बीच माइक्रोसॉफ्ट ने कर्मचारियों की संख्या कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में पात्र कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की योजना पेश की है। इसके तहत कर्मचारियों को उनके पद और ग्रेड के अनुसार एकमुश्त वित्तीय मुआवजा दिया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना के दायरे में करीब 60 हजार कर्मचारियों के आने की संभावना जताई गई है, हालांकि वास्तविक रूप से कितने कर्मचारियों को यह ऑफर मिलेगा, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
किन कर्मचारियों को मिलेगा ऑफर?
बताया गया है कि यह योजना कंपनी के लेवल 70 या उससे नीचे के पात्र कर्मचारियों के लिए है। इसमें जूनियर, मिड-लेवल और कई प्रबंधकीय पदों पर काम करने वाले कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। कंपनी में वरिष्ठ स्तर के कर्मचारियों को इस योजना से बाहर रखा गया है।
योजना के तहत पात्र कर्मचारियों को ईमेल के जरिए जानकारी दी जानी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों को प्रस्ताव पर फैसला लेने के लिए 1 दिसंबर तक का समय दिया गया है। मुआवजे की राशि कर्मचारी के पद और ग्रेड के आधार पर तय की जाएगी।
AI और तकनीकी निवेश के कारण बदल रही है रणनीति
टेक्नोलॉजी कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और आधुनिक कंप्यूटिंग सिस्टम पर लगातार निवेश बढ़ा रही हैं। ऐसे में कंपनियां अपने खर्च और कर्मचारियों की जरूरतों का नए सिरे से आकलन कर रही हैं। माइक्रोसॉफ्ट की यह पहल भी इसी बदलते कारोबारी माहौल से जुड़ी मानी जा रही है।
कंपनी में दुनिया भर में लगभग 2.23 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें करीब 23 हजार भारत में हैं। हालांकि, प्रस्तावित योजना के तहत भारतीय कर्मचारियों में से कितने लोग प्रभावित होंगे, इस बारे में स्पष्ट आंकड़ा सामने नहीं आया है।
पहले भी हजारों कर्मचारियों की नौकरियों पर पड़ा असर
माइक्रोसॉफ्ट इससे पहले भी अलग-अलग चरणों में कर्मचारियों की संख्या घटा चुकी है। वर्ष 2025 में कंपनी ने बड़े स्तर पर छंटनी की थी। इसके बाद जुलाई 2026 में भी हजारों पद समाप्त किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इन फैसलों के पीछे संगठनात्मक बदलाव, खर्च में कटौती और कारोबार की प्राथमिकताओं को प्रमुख वजहों में गिना गया।
स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की योजना क्या है?
स्वैच्छिक एग्जिट ऑफर के तहत पात्र कर्मचारियों को कंपनी की ओर से नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया जाता है। कर्मचारी प्रस्ताव स्वीकार करके निर्धारित मुआवजा ले सकते हैं या उसे अस्वीकार कर अपनी मौजूदा भूमिका में काम जारी रख सकते हैं। कंपनी जरूरत के मुताबिक कुछ कर्मचारियों को दूसरी टीम या प्रोजेक्ट में भी भेज सकती है।
यदि इस योजना से कंपनी अपने खर्च घटाने का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाती है, तो भविष्य में अन्य कदम उठाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, जबरन छंटनी होगी या नहीं, इस बारे में कोई निश्चित जानकारी नहीं है।
कर्मचारियों के लिए आगे की राह
AI के बढ़ते इस्तेमाल से टेक्नोलॉजी सेक्टर में काम करने के तरीके तेजी से बदल रहे हैं। कंपनियां अब ऐसे कौशल और भूमिकाओं पर अधिक जोर दे रही हैं, जो नई तकनीक के साथ तालमेल बिठा सकें। ऐसे में कर्मचारियों के लिए नई तकनीक सीखना, अपने कौशल को बेहतर बनाना और कंपनी के भीतर उपलब्ध दूसरे अवसरों पर विचार करना महत्वपूर्ण हो सकता है।
नोट: प्रस्ताव के तहत प्रभावित होने वाले कर्मचारियों की वास्तविक संख्या और भारत में इसके संभावित प्रभाव को लेकर आधिकारिक रूप से स्पष्ट जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।
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