बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात के तेजी से आगे बढ़ने के कारण देश के कई राज्यों में मौसम बिगड़ने की आशंका है। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। चक्रवात के 28 अक्टूबर की सुबह यनम के पास बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट से टकराने की आशंका जताई गई है। संभावित खतरे को देखते हुए राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
आंध्र प्रदेश के 16 जिलों में अलर्ट जारी
चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए आंध्र प्रदेश के 16 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। विशाखापत्तनम में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि श्रीकाकुलम, विजयनगरम और अनकापल्ली सहित तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और बारिश की आशंका है। समुद्र में लहरें तेज होने के कारण तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
ओडिशा में भारी बारिश, स्कूल और नावों का संचालन बंद
ओडिशा के पुरी और खुर्दा में बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नावों का संचालन तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल भी बंद रखे गए हैं, ताकि विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों को खराब मौसम के दौरान परेशानी का सामना न करना पड़े।
यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश में भी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने चक्रवात के प्रभाव से उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और अन्य राज्यों में बारिश की संभावना जताई है। 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, बिहार, झारखंड और पूर्वी मध्य प्रदेश समेत कई क्षेत्रों में बारिश को लेकर यलो अलर्ट है।
29 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का रेड अलर्ट रहने का अनुमान है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी तेज बारिश की आशंका जताई गई है।
हवाई यात्रा करने वालों के लिए एडवाइजरी
चक्रवात के कारण संभावित खराब मौसम को देखते हुए एअर इंडिया ने विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा आने-जाने वाली उड़ानों के यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। यात्रियों को घर से निकलने से पहले फ्लाइट का स्टेटस जांचने और एयरपोर्ट पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय रखने की सलाह दी गई है। बारिश के कारण सड़क मार्ग से एयरपोर्ट पहुंचने में भी देरी हो सकती है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए तटीय इलाकों में प्रशासन और संबंधित एजेंसियां सतर्क हैं। लोगों को मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने, समुद्र के पास जाने से बचने और अनावश्यक यात्रा से परहेज करने की सलाह दी जाती है। खराब मौसम के दौरान बिजली के खंभों, पेड़ों और कमजोर निर्माणों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है।
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