पाकिस्तान में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा है कि अगर देश में ईंधन की कमी बनी रहती है तो पेट्रोल की कीमत 1,000 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर तक पहुंच सकती है। फिलहाल पाकिस्तान में पेट्रोल 389 रुपए और डीजल 424 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है।
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। पाकिस्तान में भी इसका सीधा असर ईंधन की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। 28 फरवरी को पेट्रोल की कीमत 258.17 रुपए प्रति लीटर थी, जो अब बढ़कर 389 रुपए हो गई है।
सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती ईंधन की उपलब्धता और बढ़ती कीमतों के बीच संतुलन बनाए रखना है। कीमतों के असर को कम करने के लिए बाइक, रिक्शा और 800 सीसी तक की कारों के लिए पेट्रोल सब्सिडी योजना भी लागू की गई है। इसके तहत पात्र उपभोक्ताओं को प्रति लीटर 100 रुपए तक की राहत दी जा रही है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, योजना के लिए 17.5 लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है। वहीं, बड़ी संख्या में सब्सिडी टोकन जारी और इस्तेमाल भी किए जा चुके हैं।
घरेलू तेल उत्पादन बढ़ाने की तैयारी
पाकिस्तान सरकार आयातित तेल पर निर्भरता कम करने के लिए देश में नए तेल भंडार तलाश रही है। पेट्रोलियम मंत्री के अनुसार, कुछ तेल कुओं पर काम शुरू हो चुका है और अक्टूबर तक घरेलू स्तर पर कच्चा तेल मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने तेल और गैस की खोज के लिए कंपनियों को नए ब्लॉक भी आवंटित किए हैं। यदि इन क्षेत्रों से व्यावसायिक स्तर पर तेल उत्पादन शुरू होता है तो पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय बाजार से होने वाली खरीद पर कुछ राहत मिल सकती है।
बांग्लादेश में भी बढ़े ईंधन के दाम
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर बांग्लादेश में भी देखने को मिला है। वहां 21 सितंबर से पेट्रोल और डीजल समेत अन्य ईंधनों के दाम बढ़ा दिए गए हैं।
नई दरों के अनुसार डीजल 115 से बढ़कर 135 टका, पेट्रोल 140 से बढ़कर 160 टका और ऑक्टेन 145 से बढ़कर 165 टका प्रति लीटर हो गया है। केरोसिन की कीमत भी 135 से बढ़कर 155 टका प्रति लीटर हो गई है।
ईंधन महंगा होने से परिवहन और माल ढुलाई की लागत बढ़ने की संभावना है, जिसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
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