नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के रिकॉर्ड में विसंगतियां सामने आने के बाद नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू समेत कई प्रमुख नाम शामिल हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए SIR की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस प्रक्रिया को लेकर उनकी पार्टी पहले से सवाल उठाती रही है, वह अब ऐसे लोगों तक भी पहुंच गई है जिनके नाम मतदाता रिकॉर्ड में किसी न किसी विसंगति के कारण चिन्हित किए गए हैं। खड़गे ने SIR की तुलना ‘फ्रेंकेंस्टीन मॉन्स्टर’ से करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी।
33 लाख से ज्यादा मतदाताओं के रिकॉर्ड में सामने आई गड़बड़ी
दिल्ली में SIR के दौरान करीब 33.13 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। अधिकारियों के मुताबिक इनमें बड़ी संख्या ऐसे मतदाताओं की है, जिनके मौजूदा रिकॉर्ड को पिछली SIR की मतदाता सूची से लिंक नहीं किया जा सका या जिनकी जानकारी में तार्किक विसंगतियां पाई गईं।
निर्वाचन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नोटिस जारी होने का अर्थ अपने-आप मतदाता सूची से नाम हटना नहीं है। संबंधित मतदाता दस्तावेज और जवाब देकर अपने रिकॉर्ड का सत्यापन करा सकते हैं।
आडवाणी और जयशंकर के रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और उनके परिवार के कुछ सदस्यों के रिकॉर्ड को पिछली SIR की सूची से मैप नहीं किए जाने की वजह से नोटिस जारी हुआ। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनकी पत्नी के रिकॉर्ड को लेकर भी इसी तरह की स्थिति सामने आई है।
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी के रिकॉर्ड में भी सत्यापन से जुड़ी जानकारी सामने आई है। वहीं चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू के नाम से जुड़े रिकॉर्ड में अंतर पाए जाने की बात सामने आई है।
कई नेताओं और अधिकारियों के नाम सूची में
SIR नोटिस पाने वाले प्रमुख लोगों में कपिल सिब्बल, वीरेंद्र सचदेवा और सुधांशु मित्तल समेत अन्य नाम भी शामिल बताए गए हैं। इससे यह प्रक्रिया राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नाम से जुड़े रिकॉर्ड में भी पहले विसंगतियां सामने आई थीं। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार सत्यापन के बाद रेखा गुप्ता की चुनावी प्रविष्टि को अंतिम सूची में शामिल करने के लिए मान्य कर दिया गया।
30 सितंबर तक दावे-आपत्तियों का मौका
दिल्ली SIR में जिन मतदाताओं को नोटिस मिला है, उन्हें संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के समक्ष जवाब और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है। दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के बाद सत्यापित रिकॉर्ड को अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित होने का कार्यक्रम है।
इस बीच SIR प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता का मुद्दा भी चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली SIR से जुड़े नोटिसों और उनके कारणों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग वाली याचिका पर 22 सितंबर को सुनवाई प्रस्तावित है।
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