रोम। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में बुर्का और नकाब पहनने पर रोक लगाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कैबिनेट जल्द फैसला ले सकती है। इसके साथ ही स्कूलों में विदेशी छात्रों की संख्या को सीमित करने की योजना पर भी सरकार विचार कर रही है।
मेलोनी ने यह घोषणा रोम में अपनी पार्टी के युवा संगठन के राष्ट्रीय महोत्सव के दौरान की। प्रस्तावित नियमों के तहत उन विदेशी छात्रों के अभिभावकों को इटैलियन भाषा सीखने के लिए कहा जा सकता है, जिनके बच्चों को स्कूल में सामाजिक रूप से घुलने-मिलने में परेशानी हो रही है।
प्रस्ताव को कानून का रूप देने के लिए सरकार की मंजूरी के बाद इसे संसद में पेश किया जाएगा। खबर के मुताबिक, संसद को इसे 60 दिनों के भीतर पारित करना होगा।
कई देशों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध
बुर्का और नकाब को लेकर अलग-अलग देशों में पहले से नियम लागू हैं। यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स फ्रांस और बेल्जियम में सार्वजनिक स्थानों पर चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर लगाए गए प्रतिबंधों को बरकरार रख चुका है।
फ्रांस में 2014 और बेल्जियम में 2017 के फैसलों में अदालत ने सार्वजनिक जीवन में लोगों के बीच मेलजोल को प्रतिबंध के पक्ष में एक आधार माना था। वहीं, मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र की ओर से ऐसे प्रतिबंधों पर आपत्ति जताई गई है।
इटली के स्कूलों में 9.3 लाख विदेशी छात्र
रिपोर्ट के मुताबिक, इटली के स्कूलों में करीब 9.3 लाख ऐसे छात्र पढ़ रहे हैं जिनके पास इटली की नागरिकता नहीं है। यह संख्या स्कूलों में पढ़ने वाले कुल छात्रों का लगभग 12 प्रतिशत बताई गई है।
हालांकि, पिछले 10 वर्षों में इटली में विदेशी नागरिकता वाले नाबालिगों की कुल आबादी में करीब 4.5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। सरकार के प्रस्ताव के लागू होने की स्थिति में स्कूलों में विदेशी छात्रों की संख्या और उनके परिवारों के भाषा सीखने से जुड़े नियमों में बदलाव देखने को मिल सकता है।
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