Breaking News

“PMO का पता बदलेगा, पहचान भी नई होगी: जानिए क्या होगा प्रधानमंत्री कार्यालय का नया एड्रेस और नया नाम”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दफ्तर का पता जल्द ही बदलने वाला है. प्रधानमंत्री के लिए रायसीना हिल (Raisina Hill) के पास बन रहा नया ऑफिस लगभग तैयार है. उम्मीद की जा रही है कि इसी महीने के आखिर में PM मोदी अपने नए दफ्तर में शिफ्ट हो सकते हैं. PM मोदी का नया ऑफिस रायसीना हिल के पास है और इसे सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बनाया गया है.

‘सेवा तीर्थ’ होगा नया नाम

कंस्ट्रक्शन के दौरान इसे एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव कहा जाता था, लेकिन अब इस जगह का नाम ‘सेवा तीर्थ’ रखा गया है. इस जगह पर तीन बिल्डिंग हैं. ‘सेवा तीर्थ-1’ में प्रधानमंत्री का ऑफिस है, ‘सेवा तीर्थ-2 ‘ में कैबिनेट सेक्रेटेरिएट है और ‘सेवा तीर्थ-3’ में नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल का ऑफिस है.

PM आवास भी बन रहा

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत, नई संसद भवन और उपराष्ट्रपति का एनक्लेव पहले ही तैयार हो चुके हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय भी लगभग तैयार है. आठ नए मंत्री कार्यालयों में से तीन भी तैयार और चालू हो गए हैं. पहले, प्रधानमंत्री कार्यालय को एग्जीक्यूटिव एनक्लेव कहा जाना था, लेकिन बाद में सरकारी सूत्रों ने बताया कि इसका नाम सेवा तीर्थ (यानी सेवा का पवित्र स्थान) रखा जाएगा. प्रधानमंत्री का आवास नए ऑफिस के पास बनाया जा रहा है और जब यह तैयार हो जाएगा, तो वह ‘7 लोक कल्याण मार्ग’ वाले आवास से शिफ्ट हो जाएंगे.

टेक्नोलॉजी से लैस हैं सभी कमरे

‘सेवा तीर्थ’ में खास मेहमानों से मिलने के लिए हाई-एंड कमरे हैं. ये कमरे टेक्नोलॉजी से लैस होने के साथ-साथ भारत की संस्कृति और परंपराओं को भी दिखाते हैं. कैबिनेट मीटिंग के लिए एक नया कमरा डिज़ाइन किया गया है. प्रधानमंत्री कार्यालय अब ओपन फ्लोर मॉडल में है और अधिकारियों का कहना है कि इसका मकसद काम के कल्चर में बदलाव लाना है.

म्यूजियम में बदलेंगे नॉर्थ-साउथ ब्लॉक

आजादी के बाद से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के साथ साउथ ब्लॉक में था. दूसरी ओर, नॉर्थ ब्लॉक में गृह और वित्त मंत्रालय थे. अब उन्हें ‘कर्तव्य भवन’ में शिफ्ट कर दिया गया है. नॉर्थ और साउथ ब्लॉक, जो औपनिवेशिक विरासत हैं, अब एक बड़े म्यूज़ियम में बदल जाएंगे जो 5,000 साल पुरानी भारतीय सभ्यता को दिखाएगा. इस म्यूज़ियम के पहले फेज़ का उद्घाटन अगले साल की शुरुआत में होने की संभावना है. नॉर्थ ब्लॉक में इस म्यूजिमय का काम शुरू भी कर दिया गया है. मालूम हो कि मोदी सरकार गुलामी की निशानियों से छुटकारा पाने के लिए काम कर रही है. सेंट्रल विस्टा परियोजना इसके तहत ही बनाई गई है.

About NW-Editor

Check Also

धर्म परिवर्तन पर बड़ा फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने कहा—हिंदू न रहने पर नहीं मिलेगा अनुसूचित जाति का दर्जा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिर्फ हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के लोग ही SC …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *