फतेहपुर। प्रधानाचार्य एवं प्रधानाध्यापक भर्ती के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों को अनुभव प्रमाण पत्र की जटिल प्रक्रिया से बड़ी राहत मिली है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की पहल पर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने विशेष विज्ञप्ति जारी कर आवेदन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण छूट प्रदान की है। अब सक्षम अधिकारी से अनुमोदित एवं प्रतिहस्ताक्षरित अनुभव प्रमाण पत्र मिलने में देरी होने पर भी अभ्यर्थी निर्धारित प्रारूप के आधार पर अपना आवेदन जमा कर सकेंगे। आयोग के इस फैसले को शिक्षक संघ की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
दरअसल, प्रधानाचार्य एवं प्रधानाध्यापक भर्ती में आवेदन के दौरान अनुभव प्रमाण पत्र पर सक्षम अधिकारी के अनुमोदन और प्रतिहस्ताक्षर की अनिवार्यता के चलते अभ्यर्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आलोक शुक्ल के नेतृत्व में एक नवंबर को जिला मंत्री अमित कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष बलराम, आय-व्यय निरीक्षक देवी प्रसाद, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कमल सिंह चौहान एवं अतुल सिंह यादव ने मुख्यमंत्री, माध्यमिक शिक्षा मंत्री तथा उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष और सचिव को पत्र भेजकर आवेदन प्रक्रिया सरल बनाने की मांग उठाई थी।
शिक्षक संघ की मांग पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने विज्ञप्ति संख्या 3294/41(2026)/परीक्षा/2026-27 जारी कर विज्ञापन संख्या 08/2026 एवं 09/2026 के अभ्यर्थियों को राहत प्रदान की है।
नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थी निर्धारित प्रारूप में आवश्यक जानकारियां भरकर स्वयं तथा संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर से आवेदन जमा कर सकते हैं। हालांकि, साक्षात्कार और अभिलेख सत्यापन के समय सक्षम अधिकारी से अनुमोदित एवं प्रतिहस्ताक्षरित अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर अभ्यर्थी का अभ्यर्थन निरस्त किया जा सकता है।
जिलाध्यक्ष आलोक शुक्ल ने कहा कि शिक्षक साथियों की समस्याओं को शासन और आयोग तक पहुंचाना तथा उनके अधिकारों की रक्षा करना संगठन की प्राथमिकता है। उन्होंने इस राहत के लिए आयोग के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे शिक्षक संघ के प्रयासों की महत्वपूर्ण सफलता बताया।
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