– दिवंगत पत्रकार राजकुमार तिलक।
फतेहपुर। प्रखर वक्ता, लेखक एवं कई दशक तक प्रभावी पत्रकारिता से जुड़े रहे फूले व अंबेडकर विचारधारा के अनुयायी अर्थदर्शी बौद्धाचार्य राजकुमार तिलक अब हमारे बीच नहीं रहे। जिनका अंतिम संस्कार भिटौरा गंगा घाट में बौद्धिक पद्धति से किया गया। परिजनों के अनुसार उन्हें कुछ दिनों से पेट दर्द की समस्या थी। जिस कारण पिछले दिनों चांदनी नर्सिंग होम कानपुर में भर्ती कराया गया था। जहां दो दिन पूर्व आपरेशन भी हुआ था। उपचार दौरान उनका निधन हो गया। उनकी इच्छा थी कि उनके पार्थिव शरीर को बेटी मुखाग्नि दे। जिसके चलते भिटौरा गंगा घाट पर बेटी कंचन देवी ने पिता को मुखाग्नि दी। उनके दो पुत्र आशुतोष कुमार तिलक व हेमन्त कुमार तिलक व पत्नी गुड्डी देवी हैं। तिलक के निधन पर जनपद के वरिष्ठ पत्रकार नागेंद्र प्रताप सिंह, अजय सिंह भदौरिया, प्रमोद श्रीवास्तव, हरीश शुक्ला, अमरजीत भारती, शरद शुक्ला, जयकेश पांडेय, मो0 शमशाद, ख़लील अहमद जाफ़री, रईस उद्दीन, अफ़सर सिद्दीकी, शैलेन्द्र शरन सिम्पल, शकील अहमद सिद्दीकी, नरेंद्र श्रीवास्तव, सुजान सिंह, रमेश चंद्र यादव, दीपू मौर्या, संजय आदि पत्रकार एवं छायाकारों ने शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी है।
