देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के चलते बारिश और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित है। बिहार के 15 जिलों की 575 पंचायतों में करीब 50 लाख लोग बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। कटिहार में कई सरकारी स्कूल और कोचिंग सेंटर पानी में डूब गए हैं, जिसके चलते कुछ जगहों पर बच्चों की पढ़ाई नाव के सहारे कराई जा रही है। राज्य के 26 जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं। प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है और करीब चार लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का कटान तेज होने से पिछले 24 घंटे में सात मकान नदी में बह गए। कई इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की जरूरत पड़ रही है।
उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से सड़कें प्रभावित
उत्तराखंड में बारिश के बीच पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। पिथौरागढ़ के आदि कैलाश मार्ग पर दोबाट के पास लैंडस्लाइड होने से सड़क एक बार फिर बंद हो गई। वहीं, रुद्रप्रयाग में केदारनाथ पैदल मार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए चीरबासा के पास उन्हें हेलमेट पहनाकर आगे भेजा जा रहा है।
कुछ दिन पहले इसी मार्ग पर हुए लैंडस्लाइड में घोड़े-खच्चरों के मारे जाने की घटना सामने आई थी। रास्ते में पड़े शवों के कारण बदबू और सांस लेने में परेशानी की शिकायतें भी सामने आई हैं।
राजस्थान में 26 जिलों में बारिश का अलर्ट
राजस्थान में मानसून अब अंतिम चरण में है, लेकिन कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। 17 सितंबर तक प्रदेश के 26 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। अजमेर और पाली समेत कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।
मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय हो सकता है बारिश का सिस्टम
मध्य प्रदेश में भी बारिश का एक और दौर आने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 19 सितंबर के आसपास नया मौसम सिस्टम सक्रिय हो सकता है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 17 से 19 सितंबर और पूर्वी हिस्से में 18 से 21 सितंबर के बीच बारिश होने की संभावना जताई गई है।
गुजरात में भारी बारिश से जलभराव
गुजरात के ऊना जिले में कुछ घंटों के दौरान भारी बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया। 200 से अधिक घरों में बारिश का पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है। कच्छ के मांडवी में भी भारी बारिश दर्ज की गई। कई जगह सड़कें जलमग्न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
देश के अन्य हिस्सों में भी बारिश का असर
छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां कम होने के बाद तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है। झारखंड में 21 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है और कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली को लेकर चेतावनी दी गई है।
उत्तराखंड के अल्मोड़ा में रामगंगा नदी तेज बारिश के बाद उफान पर आ गई। वहीं, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में कमी दर्ज की जा रही है। सहारनपुर में मां शाकंभरी देवी मंदिर के आसपास नदी में बाढ़ आने के बाद पुलिस ने श्रद्धालुओं को सतर्क किया है।
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में बाढ़ के खतरे को देखते हुए लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है।
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