– ब्यूरो संजीव शर्मा
इटावा बारिश के मौसम में पंगेसियस मछली पालन में कुछ खास सावधानियाँ और रख-रखाव की ज़रूरत होती हैं।
मत्स्य रोग विशेषज्ञ डॉ० अभय शर्मा ग्रोवेल फीड्स ने पंगेसियस मछली पालन में कुछ खास सावधानियाँ रखने के लिए जानकारी दी उन्होंने बताया कि इस समय जल गुणवत्ता, रोग फैलने का खतरा और ऑक्सीजन स्तर में बदलाव जैसी समस्याएँ अधिक होती हैं। नीचे कुछ मुख्य सुझाव दिए गए हैं। पंगेसियस मछली का बारिश में रख-रखाव 1. पानी की गुणवत्ता बनाए रखें 2. नियमित रूप से पानी का , अमोनिया, नाइट्रेट और घुलित ऑक्सीजन स्तर जांचते रहें। भारी बारिश से तालाब में बाहरी गंदगी या रसायन घुस सकते हैं, जिससे पानी की गुणवत्ता खराब हो सकती है।
ज़रूरत हो तो नया पानी मिलाएँ और पुराना पानी आंशिक रूप से निकालें (20–30%)। उन्होंने यह भी बताया 2. ऑक्सीजन की निगरानी करें: बारिश के समय ऑक्सीजन की मात्रा कम हो सकती है, इसलिए एरिएटर का उपयोग करें। अगर एरिएटर नहीं है तो तालाब में रात या सुबह-सुबह पानी चलाकर हलचल करें। 3. भोजन का ध्यान रखें बारिश में मछलियों की भूख कम हो सकती है, इसलिए अधिक खाना न डालें। यदि खाना बच रहा है तो निकाल लें ताकि पानी खराब न हो। 4. रोगों से बचाव बारिश में फंगल, बैक्टीरियल और पैरासाइटिक इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। सप्ताह में एक बार पोटाशियम परमैंगनेट सेनेटाइजर , जिओलएट या लाइम (चूना) का उपयोग आवश्कतानुसार समय पर करें, लेकिन सही मात्रा में। किसी भी बीमारी का लक्षण दिखे जैसे सफेद धब्बे, सुस्ती, तैरने में दिक्कत तो तुरंत दवा का प्रयोग करें। 5. बाड़बंदी और सुरक्षा: अधिक बारिश से पानी बहकर बाहर जा सकता है या तालाब में बाहर की मछलियाँ या जीव घुस सकते हैं, इसलिए अच्छी बाउंड्री बनाएं। नालियों या बाहरी पानी के प्रवाह को तालाब से दूर रखें। 6. तालाब की साफ-सफाई बारिश के बाद कचरा, पत्तियाँ और अन्य चीज़ें तालाब में गिर जाती हैं, उन्हें नियमित साफ करें। उपयोगी दवाएं और रसायन सावधानी के साथ क्विक लाइम (CaO): 50–100 किग्रा/हेक्टेयर पानी की स्थिति देखकर पोटाशियम परमैंगनेट (KMnO₄): 2–3 ग्राम/1000 लीटर साफ एंटीबायोटिक फीड: मत्स्य चिकित्सक की सलाह से
डॉ० अभय शर्मा ग्रोवेल फीड्स 7906253395
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