वाराणसी : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के मामले में पुलिस तेजी से कार्रवाई कर रही है। इसी को देखते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। उन्हें डर है कि उनकी गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है। 21 फरवरी को FIR दर्ज होने के बाद पुलिस तेजी से कार्रवाई कर रही है। पुलिस की एक टीम 23 फरवरी को वाराणसी पहुंच चुकी है। पुलिस ने स्थानीय लोगों और शंकराचार्य के करीबियों से पूछताछ की। सूत्रों की मानें तो आज पुलिस शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से पूछताछ करने के लिए आश्रम में पहुंच सकती है। इसी आशंका को देखते हुए शंकराचार्य ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है।
पुलिस मेरे खिलाफ साजिश रच रही
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने मोबाइल पर एक तस्वीर दिखाते हुए कहा कि देख दोनों साथ हैं। इस फोटो में आशुतोष महाराज और अजय पाल शर्मा केक काटते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि, ‘यह वहीं अधिकारी हैं जो इस समय मामले की जांच कर रहे हैं। एक हिस्ट्रीशीटर के साथ पुलिस का बड़ा अधिकारी केक काटकर रहा है तो आप ही देखिए। यह सब साजिश के तहत हो रहा है।
जान लें क्या है पूरा मामला
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर नाबालिग बच्चों के यौन शोषण का मुकदमा 21 फरवरी को दर्ज हुआ। यह आदेश प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट ने जारी किया। 13 फरवरी को इस मामले में नाबालिग बच्चों के बयान दर्ज किए गए थे। रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाया था।
आशुतोष महाराज ने इस मामले में स्वयं को ही अपना वकील बताया था। 13 फरवरी को दोपहर 2 बजे शुरू हुई सुनवाई में उन्होंने स्पेशल जज पॉक्सो विनोद कुमार चौरसिया के समक्ष कहा कि दो शिष्यों ने उनके पास आकर अपने साथ हुए यौन शोषण की आपबीती सुनाई। उन्होंने अदालत से मांग की कि शंकराचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। 24 जनवरी को आशुतोष महाराज ने इस मामले में कमिश्नर से शिकायत की थी।
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